देवास/मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास (Dewas) जिले में खातेगांव की फूड इंस्पेक्टर ने खातेगांव एसडीएम (SDM) संतोष तिवारी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को जानकारी दी इस दौरान उन्होंने बताया कि एसडीएम व्हाट्सएप्प पर अश्लील मैसेज और ऑफिस में बुलाकर गंदी हरकतें करते हैं। इसी के साथ उनका कहना है कि ऑफिस में लगे कैमरे में भी सारी घटना कैद हुई हैं और इस आधार पर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला ने तुरंत कार्रवाई कर संतोष तिवारी को खातेगांव एसडीएम पद से हटा दिया है। देवास कलेक्टर ने जांच दल का गठन किया है। फूड इंस्पेक्टर की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पूरे जिले में हड़कंप मचा है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,देवास जिले में खातेगांव की महिला फूड इंस्पेक्टर ने खातेगांव एसडीएम संतोष तिवारी पर प्रताड़ित करने के गम्भीर आरोप लगाए हैं।बीते गुरुवार को फूड इंस्पेक्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि संतोष तिवारी उन्हें अश्लील मैसेज करते हैं। इसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला से भी की इसके बाद कलेक्टर ने गुरुवार को संतोष तिवारी को खातेगांव एसडीएम पद से हटाकर मुख्यालय बुला लिया है। अब त्रिलोचन गौड़ को खातेगांव का नया एसडीएम नाया गया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रात में रूम आने की बात कही
फूड इंस्पेक्टर के आरोपों के बाद जिला प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है।
फूड इंस्पेक्टर ने पत्रकारों को बताया वे नवंबर 2020 से खातेगांव में कार्यरत हैं। एसडीएम तिवारी उन्हें फोन और वाट्सएप संदेश कर छेड़छाड़ करते रहे हैं। पांच दिन से कुछ ज्यादा ही परेशान किया जा रहा था। काम ज्यादा होने से रविवार को स्टाफ के साथ आफिस में थी, तब एसडीएम तिवारी भी वहां आए और मुझे केबिन में बुलाकर छेड़छाड़ की। सोमवार को भी उन्होंने फोन कर रात को मेरे रूम पर आने की बात कही। मैं डर गई थी। मैंने सारी बात पति को बताई। उसके बाद हम दोनों कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के पास गए। उन्हें सारी काल रिकार्डिंग एवं मैसेज भी दिखाए। देवास कलेक्टर को सबूतों के साथ इसकी शिकायत की है।
कलेक्टर चंद्रमौलि शुक्ला ने बताया कि वहां की जो फ़ूड इंपेक्टर है उन्होंने मिलकर मुझे जानकारी दी थी कि एसडीएम खातेगांव द्वारा कुछ मैसेजेस भेजे गए हैं, जो कि अश्लील किस्म के हैं। इसके बाद कार्रवाई कर आगे की जांच की जा रही है।
इनका कहना
एसडीएम तिवारी का कहना है फूड इंस्पेक्टर द्वारा लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। मैं पौने दो साल से खातेगांव में पदस्थ हूं। मेरा स्वभाव ऐसा होता तो अभी तक कितनी ही महिलाएं मुझ पर आरोप लगा चुकी होती।
पिछले दो माह से गेहूं उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। इसमें 150 क्विंटल की धांधली पाई गई थी। ये साजिश रची जा रही है। वह ब्लैकमेल कर रही हैँ। तिवारी के मुताबिक इससे पहले भी फूड इंस्पेक्टर आरोप लगा चुकी हैं। बस, इसी कारण से मुझ पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
