HomeBreaking Newsदुःखद:वांटेड अपराधी को पकड़ने गए,थाना प्रभारी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या

दुःखद:वांटेड अपराधी को पकड़ने गए,थाना प्रभारी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या

बता दें कि इससे पहले भी बीते 24 फरवरी को बिहार के सीतामढ़ी में शराब तस्करी होने और शराब की खेप उतरने की गुप्त सूचना पर मेजरगंज के दरोगा दिनेश राम ने अपनी टीम के साथ छापेमारी की थी। इस दौरान तस्करों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में तीन नामजद और अन्य अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।


किशनगंज/बिहार।

पश्चिम बंगाल में बिहार के एक थानेदार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। दरअसल,बिहार के किशनगंज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। बंगाल सीमा पर छापेमारी करने गए किशनगंज टाउन थानाध्यक्ष की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। बता दें कि थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार अपनी टीम के साथ किशनगंज से सटे बंगाल के पनतापारा गाँव में शुक्रवार देर रात चोरी केस में छापेमारी करने गए थे। बंगाल पुलिस पर आरोप है कि सूचना के बावजूद उन्होने बिहार पुलिस की टीम को कोई सहयोग नहीं किया।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,शुक्रवार-शनिवार रात 2 बजे के आसपास की ये घटना है। दरअसल, किशनगंज की सीमा बंगाल से लगती है। बंगाल के पनतापारा गांव में एक वॉन्टेड अपराधी की तलाश में अश्वनी निकले थे।बताया जा रहा है कि रात में ही अश्वनी कुमार बंगाल के स्थानीय थाने भी पहुंचे। तो वहां थाना प्रभारी ने बोल दिया कि ओडीओ उनके साथ जाएगा। ओडीओ ने बोला कि आप जाइए, हम आते हैं। ऐसे में अश्वनी कुमार गांव अकेले ही पहुंच गए इसके बाद गांव वालों ने लाठी, डंडे और पत्थर से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।
ऐसा बताया जा रहा है कि मॉब लिचिंग के तहत अश्विनी कुमार की हत्या कर दी गई है। उत्तर दिनाजपुर के गोलपोखर पुलिस स्टेशन इलाके के गांव में यह घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी पूर्णिया आईजी सुरेश चौधरी और एसपी कुमार आशुतोष मौके पर पहुंचे। सुरेश चौधरी ने कहा कि बाइक चोरी के संबंध में अश्विनी कुमार यहां छापेमारी करने आए थे, इस्लामपुर एसपी हमारे साथ हैं और अब हम छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
किशनगंज थाना प्रभारी का शव पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अस्पताल लाया गया। यहां वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी पुलिस वाले की इस तरह से बेरहमी से हत्या कर दी गई हो। इससे पहले भी छापेमारी के दौरान कई पुलिस कर्मचारियों की हत्या करने के मामले सामने आए हैं।

परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करें सरकार

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। वहीं फिलहाल अश्वनी कुमार का शव बंगाल के इस्लामपुर अस्पताल में रखा गया है।

इनका कहना

इस मामले पर पूर्णिया रेंज के आईजी ने बताया कि वो (अश्वनी कुमार) एक बाइक चोरी के मामले में छापेमारी करने पहुंचे थे। उनके साथ इस्लामपुर के एसपी भी थे।उन्होंने कहा कि इस मामले में हम छापेमारी कर दोषियों को गिरफ्तार करेंगे। मृतक पुलिस अधिकारी पूर्णिया के जानकीनगर के रहने वाले थे। 1994 बैच के इंस्पेक्टर अश्विनी एक साल पहले किशनगंज टाउन थाना के थानाध्यक्ष बने थे।

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