HomeBreaking Newsविनम्र श्रद्धांजलि:पुलिस SI व ASI का कोरोना से निधन वहीं कोरोना से...

विनम्र श्रद्धांजलि:पुलिस SI व ASI का कोरोना से निधन वहीं कोरोना से ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है आरक्षक

भोपाल/देवास/मप्र।

भोपाल और देवास से बुरी खबर सामने आई है।मध्यप्रदेश के दो पुलिसकर्मियों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई है। भोपाल में सब इंस्पेक्टर कुंजीलाल सेन की कोरोना से मौत हो गई है। इधर, एक सिपाही की हालत नाजुक है। वह वेंटीलेटर पर बना हुआ है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के समाचार मिल रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसरों की तरफ से कोई रणनीति अभी तक नहीं बनी है।

वहीं अशोक पटेल (52) बीएनपी देवास थाना में बतौर एएसआई पदस्थ थे। 4 अप्रैल को उन्हें इंदौर के मयूर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। अशोक पटेल कोरोना संक्रमित बताए जा रहे हैं। कोरोना वॉरियर्स के रूप में अपनी सेवा देते देते ASI संक्रमित हो गए थे। जिसके बाद उनको इलाज के लिए इंदौर के मयूर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वही 11 अप्रैल को उन्होंने अंतिम सांस ली।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,भोपाल के बागसेवनिया थाने में पदस्थ एसआई कुंजीलाल सेन (SI Kunjilal Sen) की मौत 11 अप्रैल को हुई। वे कुछ दिन पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती हुए थे। अंत्येष्टि भदभदा विश्राम घाट में होगी। सेन मूलत: नरसिंहपुर के रहने वाले हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी की शादी एक महीने पहले ही उन्होंने कराई है। उनके मित्र एएसआई संतराम खन्ना ने बताया कि वे सिपाही से 1984 अ​थवा 1986 में भर्ती हुए थे। प्रमोशन के बाद एसआई हुए हैं। सेन का कुछ महीने पहले ही निशातपुरा से बागसेवनिया थाने में तबादला हुआ है। परिवार यहां नेहरु नगर स्थित पुलिस लाइन में रहता है।

राष्ट्रपति ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हुए आरक्षक सुरेश विश्वकर्मा,वेंटीलेटर पर ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है


भोपाल/मध्यप्रदेश।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य अफसर यह बात दोहराते आ रहे हैं कि इस महामारी से बचने का केवल ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट ही तरीका है। जबकि पुलिस विभाग में ही इसको नजरअंदाज किया गया।
थाना बिलखिरिया के आरक्षक सुरेश कुमार विश्वकर्मा (Constable Suresh Vishwkarma) को कोरोना हुआ है। वह बहुत नाजुक हालत में आ गया है। उन्हें दमोह में राष्ट्रपति की यात्रा की वी​आईपी ड्यूटी में भेजा गया था। दमोह से लौटने के बाद कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। उनका कई दिनों से एक निजी अस्पताल में कोरोना का इलाज चल रहा है। जहाँ वो 22 दिन से वेंटीलेटर पर जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है।
प्रशासन ने सुरेश विश्वकर्मा के इलाज के लिए परिवार को भरोसा दिलाया था,लेकिन अभी तक प्रशासन से कोई भी मदद नही मिली है। उनके पिता उनके इलाज में अभी तक लाखों रुपए लगा चुके हैं। प्रशासन से मदद नहीं मिलने के बाद सुरेश के बैच-2011 के सभी साथियों ने मदद का बीड़ा उठाया जिसके बाद 2011 बैच के आरक्षक दिवेन्द श्रीवास्तव,योगेश गुर्जर,राकेश ठाकुर अनिता श्रीवास,पुष्लता और सुलेखा कौरव ने एक लाख रुपये का सुरेश के पिता को चेक प्रदान किया। अब सोचने वाली बात ये है कि कोरोना वायरस के नाम पर करोड़ो खर्च करने वाली सरकार में पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो वह आमजनता की रक्षा क्या करेगी।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!