रीवा/नरसिंहपुर/मप्र।
रीवा लोकायुक्त पुलिस द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय में पदस्थ स्टेनो धीरेन्द्र सिंह तोमर को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। बताया गया है कि आरोपित स्लॉट बुकिंग में फंसे 1.20 लाख रुपये निकालने के एवज में रकम मांग रहा था। बिना पैसे लिए काम करने को तैयार नहीं था। पीड़ित लोकायुक्त एसपी के पास पहुंचा था।आवेदन का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। जिसके कारण शुक्रवार की दोपहर रजिस्ट्री कार्यालय से रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया है। लोकायुक्त की टीम ने करवाई पूरी हो जाने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया है। बताया गया है कि लोकायुक्त टीम ने स्टोनो के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर मामले की विवेचना में लिया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर 12.30 बजे धीरेन्द्र सिंह तोमर स्टेनो रजिस्ट्री कार्यालय रीवा को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। उसके खिलाफ शिकायतकर्ता दीपक पाण्डेय पिता कृपा शंकर पांडे 35 वर्ष निवासी गुलाब नगर रीवा ने कुछ दिन पहले रीवा लोकायुक्त एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि जून 2021 में मैने अपनी मां सरोज पाण्डेय और मौसी शकुंतला पाण्डेय के नाम पर रजिस्ट्री कराने के लिए स्लॉट बुक कराया था, लेकिन किसी कारण से रजिस्ट्री नहीं हो पाई। ऐसे में अपना 1.20 लाख रुपये पाने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। तब डीआर ने स्टेनो से मिलने के लिए बोला। स्टेनो से मुलाकात करने का मुझसे रुपयों की मांग की गई। जिसकी शिकायत मैंने लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई थी। सत्यापन उक्त शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को ट्रैपिंग के लिए डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के मार्गदर्शन में निरीक्षक जियाउल हक के नेतृत्व वाली 20 सदस्यीय टीम भेजी थी। उक्ति पर कार्रवाई की गई है।
रिश्वत में हिस्से का बंटवारा
लोकायुक्त एसपी ने बताया कि पीड़ित ने स्लॉट के रिटेंशन के लिए आवेदन किया था, जहां डीआर 6 हजार रुपए, 4 हजार स्टेनो और 2 हजार रुपये क्लर्क के नाम पर रकम मांग रहा था। शिकायतकर्ता 12 हजार रुपये लेकर कार्यालय पहुंचा। जैसे ही आरोपित धीरेन्द्र सिंह तोमर को रिश्वत के 12 हजार रुपये दिए। वैसे ही स्टेनो काउंटर में रख लिया। इसी बीच पीड़ित का इशारा मिलते ही लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ लिया।
इनका कहना
लोकायुक्त एसपी ने बताया है कि आरोपित स्टेनो के बयान दर्ज किए जा रहे हैं बयान में जो तथ्य सामने आएंगे उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि डिस्ट्रिक रजिस्टार की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
–गोपाल धाकड़ एसपी लोकायुक्त रीवा।
रिश्वत लेते धरे गए बीआरसी हरिओम पाठक ने कहा! डीईओ को देते हैं हिस्सा

नरसिंहपुर/मध्यप्रदेश।
नरसिंहपुर में पदस्थ बीआरसी हरिओम पाठक को आज
आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने 15 हज़ार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू की टीम ने यह कार्रवाई नरसिंहपुर में की है, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है। पूछताछ में बीआरसी हरिओम पाठक ने बताया है कि इस राशि में से जिला शिक्षाधिकारी को भी हिस्सा देना था।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,जबलपुर से पहुंची ईओडब्ल्यू की टीम से मिली जानकारी के मुताबिक आवेदक मोहम्मद हुसैन पठान द्वारा संचालित अटल अंजुमन स्कूल की नवीन मान्यता की सिफ़ारिश करने हेतु नरसिंहपुर बीआरसी आरोपी हरिओम पाठक द्वारा 25 हज़ार रुपए की रिश्वत माँगी गई थी। जिसमें से 10 हज़ार रुपए पंद्रह फ़रवरी को ले लिए थे। रिश्वत की शेष राशि 15 हज़ार रुपए लेते हुए आवेदक को आज रंगे हाथ EOW की टीम द्वारा नरसिंहपुर से पकड़ा गया है।
एसपी ईओडब्ल्यू देवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर पूरी कार्यवाही ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम द्वारा की गई | जिसमें उप पुलिस अधीक्षक शमनजीत सिंह विवेचक निरीक्षक मुकेश खंपरिया निरीक्षक श्रीमती लक्ष्मी यादव निरीक्षक स्वर्ण जीत सिंह धामी निरीक्षक श्रीमती प्रेरणा पांडेय निरीक्षक सुश्री शशिकला मस्कूले उप निरीक्षक श्रीमती कीर्ति शुक्ला उप निरीक्षक श्रीमती विशाखा तिवारी सम्मिलित रहे।
इनका कहना
अटल अंजुमन स्कूल के संचालक मो. हुसैन पठान की शिकायत पर बीआरसी हरिओम पाठक को मान्यता के एवज में रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। पाठक ने इस प्रकरण में जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनसे आगे पूछताछ की जाएगी।
–मनजीत सिंह, डीएसपी,आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो, जबलपुर।
