बता दें कि सोनभद्र में दो बार गांजे की बड़ी खेप एसटीएफ और पुलिस के द्वारा पकड़ी गई है। बावजूद इसके तस्करी पर लगाम लगता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि पुलिस के द्वारा तस्करी करने वालों के खिलाफ संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। चूंकि ये कार्रवाई एसटीएफ की अगुआई में की गई। इसलिए पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सोनभद्र/उत्तरप्रदेश।
उत्तरप्रदेश के सोनभद्र के चोपन थानाक्षेत्र के प्रीत नगर में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 8 क्विंटल गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने चार तस्करों के साथ एक ट्रक और एक ब्रेजा गाड़ी को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में लगभग 1 करोड़ रुपए है।
एसटीएफ की टीम ने सूचना के आधार पर एक ट्रक में छिपाकर रखा गया 800 किलोग्राम गांजा बरामद किया। एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आगरा निवासी बीरन सिंह, श्रावस्ती निवासी प्रवेश यादव, मिर्जापुर निवासी राजेंद्र जायसवाल और जितेंद्र प्रताप सिंह के तौर पर गई है और उनसे पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गांजा की खेप लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में उनकी तस्करी करते थे।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,एटीएफ को सूचना मिली थी कि उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से तस्करी कर गांजे की बड़ी खेप सोनभद्र लाई जा रही है। यहां से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसे पहुंचाया जाना है। जिसको देखते हुए एसटीएफ और पुलिस के द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई और एक करोड़ का गांजा जब्त किया गया। जांच में पता चला कि मिर्जापुर निवासी अवधेश पांडेय की सरपरस्ती में गाजे की खेप मिर्जापुर जिले तक ले जाया जाना था। एसटीएफ गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी हुई है।
चार राज्यों की सीमाओं से सटा होने के कारण सोनभद्र जिले से होकर मिर्जापुर, बनारस और चंदौली सहित कई यूपी के कई जिलों में गांजा और शराब की तस्करी से होती है। तस्करों के लिए ये रूट मुफीद मानी जाती है।
