HomeBreaking Newsविनम्र श्रद्धांजलि:अज्ञात कारणों के चलते पत्रकार ने आत्महत्या की

विनम्र श्रद्धांजलि:अज्ञात कारणों के चलते पत्रकार ने आत्महत्या की

बता दें कि संतोष गुप्ता युवा पत्रकार होने के साथ-साथ काफी मिलनसार इंसान थे,वह ग्वालियर के एक सांध्य समाचार में पत्रकारिता करते थे। उनका पैत्रिक निवास माधौगंज में था,लेकिन तीन साल पहले ये अपनी पत्नी,एक बेटा व एक बेटी के साथ घोसीपुरा में रहने लगे थे। लेकिन,क्या पता जिंदादिली से जिंदगी जीने वाला इंसान इतनी जल्दी जिंदगी से मुंह मोड़ लेगा


ग्वालियर/मध्यप्रदेश।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से पत्रकार जगत के लिए दुःखद खबर सामने आई है। जहाँ अज्ञात कारणों के चलते पत्रकार ने आत्महत्या कर ली। दरअसल,पत्रकार-अपने जीवन मे कई उतार चढ़ाव को देखता है। कई अच्छी बुरी घटनाओं से उसका सामना होता है।खबरो के दौरान अपनी जिंदगी भी कई बार जान जोखिम में डालकर मौत से आमना सामना करता है। कुछ इसी तरह का संघर्ष किया था ग्वालियर के युवा पत्रकार संतोष गुप्ता ने। लेकिन अचानक से जिंदगी में क्या मोड़ आया कि बीते रोज देर रात्रि उन्होंने सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उनको परिजन अस्पताल भी ले गये जहाँ डॉक्टर ने नब्ज टटोलकर मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या की वजह का ख़ुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये जेएएच के डैडहाउस में भेज दिया है।

सुसाइड के पहले व्हाट्सअप ग्रुप में संदेश लिखा

सुसाइड के पहले उन्होंने अपने एक पारिवारिक व्हाट्सअप ग्रुप में संदेश भी लिखा,कि जिंदगी एक जंग है,जीत कर भी हार है।
कोई जब तक कुछ समझ पाता तब तक वो इस दुनिया से काफी दूर निकल गया। जब भी मिलता सबसे मुस्कराकर मिलना उसका एक अलग अंदाज था। पत्रकार मित्रो को तीज त्यौहार पर बधाई संदेश व शुभकामना संदेश देना पुरानी आदत थी,या यूं कहें सबसे पहले संदेश भेजना उसकी खासियत बन चुकी थी।लेकिन विधि के विधान को पता नही क्या मंजूर था।
पिछले महीने की बात करे तो 20 अक्टूबर को पत्रकार संतोष गुप्ता ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक ओर पोस्ट डाली थी,जिसमे शमशान घाट का फोटो सहित चार लाइने लिखी थी कि….शमशान के बाहर लिखा था
मंजिल तो तेरी यही थी…बस जिंदगी बीत गयी आते आते…क्या मिला तुझे इस दुनिया से…अपनो ने ही जला दिया जाते जाते..

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