बता दें कि शुरूआती जांच में पुलिस को पता चला है कि जगदीश भदौरिया बेटे की शादी को लेकर तनाव में था। बेटा अपनी पसंद की शादी करना चाहता था। मृतक इसके लिए तैयार नहीं था। मृतक जगदीश के दो बेटे दिनेश भदौरिया व आनंद भदौरिया है। बड़ा पुत्र दिनेश सेना में पदस्थ है और सीमा पर ड्यूटी पर है। आनंद यहां घर पर ही साथ रहता है।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में दो दिन से लापता डीएसबी (जिला विशेष शाखा) में पदस्थ सिपाही जगदीश भदौरिया का शव शनिवार की शाम को कटारे फार्म हाउस की झाड़ियों में पड़ा मिला है। मृतक के घर से कटारे फार्म हाउस बमुश्किल आधा किलोमीटर की दूरी पर है। मृतक का पर्स व मोबाइल गायब है। शरीर पर चोट के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। मुंह से अवश्य खून निकला है। पुलिस ने पड़ताल के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ अखिलेश भार्गव को भी मौके पर बुलाया। आशंका जताई जा रही है कि जगदीश भदौरिया की गायब होने वाले दिन ही मौत हो गई थी। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि जगदीश भदौरिया का शव झाड़ियों में कैसे पहुंचा। शुरूआती जांच में पुलिस सिपाही की हत्या की आशंका से इंकार नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि सिपाही की मौत का असल कारण तो पीएम रिपोर्ट से ही पता चल सकेगा।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,कटारे फार्म हाउस पर क्षेत्र के लोग जानवर चराने के लिए ले जाते हैं। शनिवार की शाम को एक चरवाहे को झाड़ियों में किसी व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना गोला का मंदिर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में ले लिया। शव की पहचान दो दिन से लापता सिपाही जगदीश भदौरिया निवासी नारायाण बिहार कालोनी के रूप में हुई। स्वजन भी मौके पर पहुंच गए। लापता सिपाही का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी आ गए। फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव की निगरानी में पुलिस ने मृतक सिपाही की मौत से जुड़े साक्ष्य तलाश किए।
घर से ड्यूटी पर जाने के लिए निकला था

नारायण विहार कालोनी निवासी जगदीश पुत्र विहंगम सिंह भदौरिया गुरुवार को घर से ड्यूटी पर जाने के लिए निकला था। शाम को घर नहीं लौटने पर स्वजनों को चिंता हुई। परिवार के लोगों ने ऑफिस में संपर्क करने पर पता चला कि जगदीश भदौरिया आज ड्यूटी पर नहीं आया हैं। आरक्षक का मोबाइल भी बंद मिल रहा था। स्वजनों ने आरक्षक के संदिग्ध परिस्थतियों में गायब होने की सूचना गोला का मंदिर थाना पुलिस को दी थी। पुलिस ने सबसे पहले गुमशुदा आरक्षक के मोबाइल की अंतिम लोकेशन पता की। पुलिस को पता चला कि जगदीश भदौरिया का मोबाइल गदाईपुरा से बंद हुआ है। पुलिस जांच में यह भी पता लगा रही है कि सिपाही ड्यूटी पर जाने की बजाए वह गदाईपुरा किस से मिलने के लिए गया था।
मृतक के शरीर पर चोटों के निशान देखने के लिए पुलिस ने शव को पलटा। शव को पलटते ही मुंह से खून निकला, लेकिन मृतक के शरीर पर कोई चोट का निशान नजर नहीं आया। पुलिस ने मृतक की जेबे टटोलकर देखी तो पर्स व मोबाइल गायब थे। पुलिस ने बताया कि मृतक जिन कपड़ों में गुरुवार को घर से निकला था, शरीर पर वो ही कपड़े थे। पुलिस आत्महत्या व हत्या से लेकर सामान्य मौत के एंगल पर जांच कर रही है। शुरूआती जांच के बाद पुलिस ने शव को डॉक्टरी परीक्षण के लिए डेड हाउस पहुंचा दिया है।
