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आतंक का अंत:पुलिस ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इनामिया बदमाश लालू यादव को मुठभेड़ में किया ढेर

बता दें कि पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि लालू यादव एक लाख का इनामी गैंगस्टर बदमाश था।आज सुबह मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसकी घेराबंदी की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान उसके द्वारा चलाई गई गोली पुलिस के बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। दो गोली पुलिस जीप में भी लगी है जवाबी फायरिंग में गोली लगने से वह घायल हो गया उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाय गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


मऊ/उत्तरप्रदेश।

मऊ पुलिस ने बुधवार तड़के पूर्वांचल के कुख्यात गैंगस्टर एवं तीन लाख (उत्तरप्रदेश शासन द्वारा मऊ पुलिस टीम को 02 लाख रुपए पुरस्कार की घोषणा की गई है, इस तरह इनामी राशि 03 लाख हो गई है) के इनामी लालू यादव उर्फ विनोद यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में चार बजे के आस-पास बताई जा रही, जब बदमाश का पुलिस टीम से सामना हो गया। लालू यादव त्रिस्तरीय चुनाव में अपने गैंग के जरिये सक्रिय था। वह अपनी पत्नी को ब्लाक प्रमुख बनवाने के लिए उसे निर्विरोध बीडीसी बनवा चुका था। उसकी राह में एक नेता आड़े आ रहा था, जिसका खात्मा करने की फिराक में था कि मारा गया।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,पुलिस सूत्रों के मुताबिक लालू यादव उर्फ विनोद यादव को मऊ जिले के सराय लखंसी का रहने वाला था। उसके खिलाफ सौ से ज्यादा लूट, हत्या, डकैती के मुकदमें दर्ज थे। उसे यूपी और बिहार प्रांत के कई बड़े नेताओं की सरपरस्ती प्राप्त थी, इसलिए पुलिस ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही थी। इधर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उसकी गतिविधिया रंगदारी मांगने, लोगों के चुनाव लड़ने में दखल देने की चल रही थी। आजमगढ़ में भी उसका जबरदस्त दखल रहा था। परेशान लोग लगातार पुलिस का इनपुट दे रहे थे।
डीआइजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि लालू यादव गैंगस्टर बदमाश था। उसका अंत पुलिस के हाथों हो चुका है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि वह खुद विधायक बनना चाहता था। उसने वर्ष 2019 में मऊ के आरटीआइ कार्यकर्ता बालगोविंद की हत्या की थी। उसके अलावा वह जौनपुर में दो करोड़ की डकैती, भदोही गार्ड काे गोली मारकर कैश वैन लूटने, मीरजापुर एवं वाराणसी में सोनार के यहां डकैती डालने के मामले में वांछित था। उसके ऊपर अंकुश लगाने को पुलिस टीमें गठित थीं। उसकी गतिविधियाें पर नजर रखी जा रही थी, कि आज उसका अंत हो गया। इनपुट मिला था कि वह किसी बड़े नेता की हत्या करने मऊ में डेरा डाला हुआ है। उसके खिलाफ करीब सौ से ज्यादा हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती के मुकदमे दर्ज हैं।

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