HomeBreaking Newsलोकायुक्त ने खाद्य निरीक्षक (food inspector) व कंप्यूटर ऑपरेटर 40 हज़ार की...

लोकायुक्त ने खाद्य निरीक्षक (food inspector) व कंप्यूटर ऑपरेटर 40 हज़ार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

राजगढ़/मध्यप्रदेश।

रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त का शिकंजा रिश्वतखोरों पर लगातार कसता जा रहा है लेकिन रिश्वतखोरी है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ के नरसिंहगढ़ में एक फूड इंस्पेक्टर व उसके कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों भोपाल लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया है। फूड इंस्पेक्टर ने एक उचित मूल्य की राशन कि दुकान संचालक से दुकान हटाने की चेतावनी देते हुए 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने 40 हजार की रिश्वत लेते घूसखोर खाद्य अधिकारी सुनील वर्मा को रंगेहाथ दबोच लिया है।

क्या है पूरा मामला

कार्रवाई करती भोपाल लोकायुक्त पुलिस

प्राप्त जानकारी के अनुसार,खाद्य निरीक्षक सुनील वर्मा ने नरसिंहगढ़ में अपनी जॉइनिंग दी और आने के साथ ही कई दुकानदारों को धमकाना शुरू कर दिया। बता दें कि इससे पहले जो खाद्य निरीक्षक थे। उन्होंने कोविड-19 को देखते हुए ऑफ लाइन राशन का वितरण करने की अनुमति दी थी। ताकि कोविड-19 में उपभोक्ताओं के बीच संक्रमण न फैले। यह आदेश किसी तरह लिखित में नहीं था। इसी का फायदा उठाते हुए रिश्वतखोर खाद्य निरीक्षक सुनील वर्मा ने दुकानदार को धमकाते हुए दुकान को निरस्त करने की चेतावनी दी। ऐसे में राशन दुकानदार सोनू गुप्ता ने कहा कि हमारी दुकान कैसे बचेगी। इस पर 1 लाख की रिश्वत की मांग की गई। मामला 75 हज़ार में तय हुआ।

पहले कंप्यूटर ऑपरेटर फिर फूड इंस्पेक्टर को दबोचा

दुकानदार सोनू गुप्ता ने 20 हजार रुपए 20 जुलाई को दिए और इस तरह की पूरी जानकारी लोकायुक्त पुलिस को उपलब्ध कराई। बाद में लोकायुक्त पुलिस शुक्रवार को नरसिंहगढ़ पहुंची यहां पहले यह राशि कंप्यूटर ऑपरेटर अजय यादव को दी गई। अजय यादव ने यह राशि ली तो लोकायुक्त पुलिस ने उसे दबोच लिया। जिसके बाद अजय यादव ने बताया कि वह तो खाद्य निरीक्षक सुनील वर्मा के कहने पर यह सब कर रहे हैं। ऐसे में कंप्यूटर ऑपरेटर को लेकर भोपाल से आई लोकायुक्त पुलिस की टीम रेस्ट हाउस पहुंची। जहां पिछले कई दिनों से खाद्य निरीक्षक सुनील वर्मा रह रहे थे। जैसे ही कंप्यूटर ऑपरेटर ने 40 हजार रुपए की राशि सुनील वर्मा को दी तो लोकायुक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

इनका कहना

लोकायुक्त पुलिस की अधिकारी नीलम पटवा ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खाद्यान्न वितरण के दौरान गड़बड़ी बताते हुए दुकानदार सोनू गुप्ता से 1 लाख की मांग की जा रही थी। जिसकी जानकारी सोनू ने लोकायुक्त पुलिस को दी थी उसकी शिकायत की जांच करने पर शिकायत सही पाई गई और कंप्यूटर ऑपरेटर व खाद्य निरीक्षक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!