जबलपुर/मध्यप्रदेश।
जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यलय में पदस्थ एसडीएम पीके सेन गुप्ता के बाबू (clerk) इंद्रजीत सिंह धूरिया को आज दोपहर लोकायुक्त टीम ने 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। छापामार कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद जबलपुर कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने उक्त बाबू सहायक ग्रेड-2 पद पर पदस्थ इंद्रजीत सिंह धूरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर,मुख्यालय में अटैच किया गया है। बहरहाल कलेक्टर इलैया राजा टी ने सख्त कार्यवाही करते हुए विभगीय जांच भी शुरू कर दी है। लोकायुक्त की टीम ने यह कार्रवाई तहसील कार्यालय में की है। कार्रवाई के बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,तिलवाराघाट निवासी 30 वर्षीय विकास कुमार दुबे ने लोकायुक्त एसपी संजय साहू से शिकायत की थी। जिसमें उसने बताया था कि उसके पिता कृष्णकुमार दुबे के नाम ग्राम धाना में खसरा नंबर 44/2 जिसमें 4 दुकानें पक्की बनी है। तिलवारा घाट की प्लाट का अधिकरण किया गया है। जिसकी मुआवजा राशि भुगतान नहीं किया गया था। मुआवजा राशि एक लाख 94 हजार रुपये स्वीकृत हुई थी। इसी स्वीकृत मुआवजा राशि को निकालने के एवज में तहसील कार्यालय जबलपुर के एसडीएम ग्रामीण पीके सेन गुप्ता के कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू इंद्रजीत सिंह धूरिया पांच हजार रुपये की मांग कर रहा है।

लोकायुक्त एसपी ने डीएसपी दिलीप झरवड़े को टीम के साथ आरोपित को रंगे हाथ दबोचने के निर्देश दिए। जिसके बाद गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े, निरीक्षक स्वप्निल दास, रंजीत सिंह की टीम एसडीएम कार्यालय पहुंची। जहां जैसे ही अविकास ने रिश्वत की रकम बाबू इंद्रजीत सिंह धूरिया को दी, वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने से रंगे हाथ दबोच लिया।
