बता दें कि शिकायतकर्ता पांडेय के अनुसार उसकी करीब 10 बुलेरो गाड़ियां बीएसएनएल में अनुबंध पर लगी थीं। 20 जनवरी 2019 को उसका काम बंद होने के बाद गाड़ियां हटा ली गईं। करीब 5.50 लाख रूपये के बकाया बिल को लेकर मेहरा पैसों की मांग कर रहा था। 27 मार्च 2021 को उसने विभागीय शिकायत भी की थी लेकिन, इस पर कोई कार्रवाई न होने से उसने 19 जुलाई को सीबीआई में शिकायत कर दी। पैसों के लिए मेहरा ने कर्मचारी का बैंक खाता दिया था लेकिन इसके बावजूद वह बच नहीं सका।
इटारसी/होशंगाबाद/मप्र।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों के पकड़े जाने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामला होशंगाबाद जिले के इटारसी का है जहां बीएसएनएल (BSNL) के अकाउंटेंट को सीबीआई (CBI) भोपाल की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। दरअसल,
सीबीआई भोपाल की एक टीम ने मंगलवार दोपहर बीसएसएनएल में पदस्थ लेखापाल (Accountant) सुबोध मेहरा को 20 हजार रूपये की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने अंदर जाते ही महिला कर्मचारियों को छोड़ काम कर रहे सारे अधिकारियों को यहां रूकवा लिया। कार्रवाई होने तक सभी अधिकारियों के मोबाइल बंद करा लिए गए। सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम में एक महिला और 11 अफसर शामिल थे। लेखा शाखा में काम कर रहे मेहरा की घेराबंदी कर अफसरों ने उसे कस्टडी में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार मेहरा के पास विदिशा के सिरोंज, जबलपुर और इटारसी में संपत्ति के निवेश की जानकारी भी सीबीआई ने खंगाली है। इस कार्रवाई को लेकर हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,बीएसएनएल में लगी बुलेरो गाड़ियों के बकाया भुगतान के बदले में ट्रेवल्स संचालक आशीष पांडेय से 20 हजार रूपये मांगे थे। यह रिश्वत लेने के लिए सुबोध मेहरा ने कंपनी के कर्मचारी ऑफिस के पूर्व चपरासी कमलेश गिरी गोस्वामी का केनरा बैंक का खाता नंबर दिया था। पांडेय ने इस मामले की शिकायत सीबीआई को कर दी थी, इसके बाद सीबीआई की टीम ने सोमवार को यहां डेरा डाल लिया था। लोनिवि के विश्राम गृह में टीम ठहरी हुई थी। तय योजना के तहत आशीष पांडेय ने कर्मचारी के खाते में 20 हजार रूपये ट्रांसर्फर किए। पैसे जमा होने के तत्काल बाद टीम ने बीएसएनएल टीडीएम कार्यालय जाकर लेखापाल सुबोध मेहरा को पकड़ लिया। मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे सीबीआई की टीम दफ्तर में पहुंची।
जबलपुर:NVDA के SDO काे 50 हजार रिश्वत लेते EOW ने रंगे हाथों दबोचा

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बरगी हिल्स स्थित नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) संभाग टू के SDO संतोष कुमार रैदास को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते दबोचा है। कार्रवाई सोमवार रात 8 बजे की गई है। जबलपुर EOW की ट्रैपिंग मामले में ये पहली कार्रवाई है। इससे पहले ग्वालियर और उज्जैन ईओडब्ल्यू ऐसी कार्रवाई कर चुकी है। टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का केस दर्ज कर जांच में लिया है। एसपी देवेंद्र सिंह राजपूत के मुताबिक, आरोपी की संपत्ति भी खंगाली जा रही है। यदि आय से अधिक संपत्ति मिली, तो उसकी भी अलग से कार्रवाई होगी।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,EOW एसपी देवेंद्र सिंह राजपूत के मुताबिक, NVDA में ठेकेदार सुदर्शन सोनकर ने मामले में शिकायत की थी। सुदर्शन ने 2016 में नहर के ऊपर राेड बनाने का काम किया था। ये रोड 2017 में बनकर तैयार हो गई थी। रोड बनाने का ठेका लेते समय सुदर्शन को NVDA में 4.22 लाख रुपए सुरक्षा निधि के तौर पर जमा किया था। इसी पैसे को वह वापस पाने के लिए वह 4 साल से चक्कर काट रहा था।
सुदर्शन सोनकर से एनवीडीए संभाग टू के SDO संतोष कुमार रैदास ने सुरक्षा राशि जारी करने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे। इस पर सुदर्शन ने मामले में ईओडब्ल्यू एसपी से शिकायत की। फिर एसडीओ को ट्रैप करने का प्लान तैयार हुआ। टीआई मंजीत सिंह की अगुवाई में टीम तैयार की गई। संतोष कुमार रैदास ने सुदर्शन को पैसे लेकर रात 8 बजे बरगी हिल्स स्थित एनवीडीए डिवीजन टू के ऑफिस बुलाया था। पीड़ित के साथ टीम भी पहुंची। जैसे ही, सुदर्शन ने पैसे दिए, ईओडब्ल्यू ने आरोपी को दबोच लिया।
