बता दें कि दलित दरोगा की बर्बरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब पीड़ित पिटाई से छटपटाने लगे व उनके मुँह से राम राम निकलने लगा तो आरोपी दरोगा ने और पीटते हुए कहा कि “सालो राम राम नहीं जय भीम बोलो। मैं तुम जैसे ब्राह्मण ठाकुरो को सबक सीखाने ही पुलिस में भर्ती हुआ हूँ। पिटाई से पीड़ितों कि चमड़ी तक उधड़ गई।
गाजीपुर/उत्तरप्रदेश………
गाजीपुर के नगसर हॉल्ट थानाध्यक्ष द्वारा किए गए कृत्य का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। नूरपुर की इस घटना के बाद थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बता दें कि थानाध्यक्ष रमेश कुमार राम ने भूतपूर्व एक भारतीय सेना के जवान सहित 8 लोगों की क्रूरतापूर्वक सिर्फ इसीलिए पिटाई कर दी क्योंकि उसने अपनी माँ का श्राद्ध किया था। मुख्यमंत्री ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने नूरपुर पहुँच कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने नगसर हॉल्ट थाने के पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की। उन्होंने इस मामले में जाँच कर के तुरंत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को इस घटना को लेकर अवगत कराया। जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने भी नूरपुर पहुँच कर स्थिति का जायजा लिया।
सनकी दरोगा ने पीट-पीटकर चमड़ी उधेड़ी…….

जातिवाद की धुन में सनके दलित दरोगा ने झूठे आरोपों में चालान कर परिवार के 9 पीड़ितों को जेल भेज दिया। पीड़ितों की तस्वीरें देखनें के बाद किसी की भी रूह काँप जाए, पीड़ितों के कपड़े उतार कर पिटाई की गई थी, जिससे उनके शरीर पर लाल-लाल धब्बे बन गए थे।
वहीं मेडिकल कराने की बजाये पीड़ितों को जेल भेज दिया गया। पीड़ितों ने किसी तरह कोर्ट से जमानत हासिल की। वहीँ दरोगा ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि ये सब मनगढ़ंत आरोप हैं, हालाँकि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती।
जमानत मिलनें के बाद भी जब पीड़ितों ने FIR दर्ज कराने के लिए थाने का रुख किया तो माँ बहन की गालिया बकते हुए बेइज्जत करके व झूठे मुक़दमे में फ़साने की धमकी देते हुए उन्हें थाने से भगा दिया गया। पीड़ितों में सबसे अधिक गंभीर हालत सुशील पांडेय की हैं, उनके शरीर के पीछे का पूरा हिस्सा बता रहा है कि कितनी बेरहमी से पिटाई की गई है।
क्या है पूरा मामला………..


जानकारी के अनुसार, घर में पीड़ितों की बड़ी माता माया देवी का 15 जुलाई को निधन हो गया था जिसके बाद 27 जुलाई को आत्मा की शांति के लिए उनका श्राद्ध होना था। श्राद्ध के दौरान पीड़ित के सगे सम्बन्धी भी पीड़ित के घर पहुंचे थे। लेकिन 26 जुलाई को शाम 6 बजे के करीब जब पीड़ित सुशील पांडेय अपनें परिवार के लोगों के साथ श्राद्ध में आने वालो के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे थे तभी सादी वर्दी में थाना प्रभारी रमेश कुमार राम अपने अन्य 6 पुलिस साथियों के साथ वहां पंहुचा था।
बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने झूठा आरोप मढ़ते हुए गाली देकर कहा कि तुम लोग घर में झनकू पांडेय को छुपा कर बैठे हो। जिसपर घर के लोगो ने सबसे पहले तमीज में बात करने की बाते कही। बस इतना कहते ही थाना प्रभारी ने ललकारते हुए अपने साथियो से कहा कि साले इन भिखारी ब्राह्मणो कि आज हड्डिया तोड़ दो। जिसके बाद सभी पुलिसकर्मियो ने मिलकर लाठी डंडो व बन्दुक के बट से मारना पीटना शुरू कर दिया। जिसके बाद कई लोग बचने के लिए घर में घुस गए।
पुलिसकर्मियो ने घर में घुसकर पीड़ितों को मारना पीटना व घर में सभी सामानो को तोडना शुरू कर दिया। पीड़ितों कि चीखे सुनकर गाँव के लोग इकठ्ठा हो गए तो पुलिसकर्मी उन्हें गाड़ी में भरकर थाने ले गए जहां क्रूरता की सभी हदे पार कर दी गई। पीड़ितों को रात भर थाने में पीटा गया। चीख पुकार मचने पर उन्होंने उनके मुँह पर मुक्के मारने भी शुरू कर दिए। पिटाई से जब पीड़ितों पूरा बदन छील गया तो पीड़ित रोते हुए राम राम करने लगे। राम राम सुनते ही थाना प्रभारी और भड़क गया। उसने अपने जूते को पीड़ितों को मुँह में भरते हुए कहा कि राम राम नहीं,जय भीम बोलो, मैं तुम जैसे ब्राह्मण ठाकुरो को ही सबक सीखाने पुलिस में भर्ती हुआ हूँ।
इनका कहना……..
— Ghazipur Police (@ghazipurpolice) August 2, 2020
थाना का कहना है कि पीड़ित परिजनों ने मुजरिम को घर में छिपा रखा था और तहकीकात करने गई पुलिस के साथ उन्होंने हाथापाई की। वहीं 3 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी कही गई है। पुलिस के अनुसार, उसे सूचना मिली थी कि झनकू पांडेय हत्या की नीयत से रिवाल्वर लेकर गाँव में घूम रहा है। मौके से कारतूस बरामद होने की बात भी कही गई है। लेकिन, थाने में हुई बर्बरतापूर्वक पिटाई से जनाक्रोश अभी भी है।
पिटायी का वीडियो देखें……..
27/07 को नूरपुर PS नगसर @ghazipurpolice: पुलिस पर मुलजिम पकड़ने में श्राद्ध कार्यक्रम में फौजी सहित कई लोगों को बुरी तरह मारने के आरोप. 04 लोगों के विडियो पेश, चोटें अत्यंत गंभीर, विडियो वीभत्स पर आवश्यक. कृ अविलंब कठोर विधिक कार्यवाही @IgRangeVaranasi @adgzonevaranasi @Uppolice pic.twitter.com/uE61ALgtUM
— AmitabhThakur (@Amitabhthakur) August 1, 2020
