बता दें कि चोरी के आरोपियों और पुलिसकर्मियों को रायपुर से लेकर बैतूल आ रही कार 21 सितंबर की रात फोरलेन पर पांढुर्ना के पास ग्राम बोथिया में खड़े ट्रक से टकरा गई। कार में सवार पाढर चौकी प्रभारी एसआई विनोद शंकर यादव (45) की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक एएसआई व 2 आरक्षक घायल हो गए थे।
छिंदवाड़ा/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सब इंस्पेक्टर विनोद शंकर यादव को उनके बैचमेट्स ने मिसाल पेश की है। उनकी तेरहवीं पर बैचमेट्स घर पहुंचे और 13 लाख 13 हजार रुपए का चेक परिवार को सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो विनोद की जगह पूरी तो नहीं कर पाएंगे, लेकिन पूरे दो सौ बैचमेट्स उनके परिवार का हिस्सा हैं।
इस दौरान स्वर्गीय विनोद शंकर यादव के साथियों ने नौ लाख 13 हजार रुपए का चैक उनके परिजनों को सौंपा। इस दौरान सीएसपी मोतीलाल कुशवाह, देहात थाना प्रभारी. महेन्द्र भगत, खमारपानी चौकी प्रभारी से आए सब इंस्पेक्टर उत्तम मस्तकार तरुण मरकाम, सुंदरलाल पवार, बैतूल मौजूद रहे।
200 साथी पुलिसकर्मियों ने जुटाई रकम

छिंदवाड़ा निवासी विनोद शंकर यादव छिंदवाड़ा में आरक्षक के रुप में भर्ती हुए थे, बाद में उन्होंने सब इंस्पेक्टर बनकर जिले का नाम रोशन किया था।
पांढुर्णा के समीप हुए हादसे में उनकी जान चली गई थी, उनकी मृत्यु के बाद साथी सब इंस्पेक्टरों के एक ग्रुप ने परिजनों की मदद का बीड़ा उठाया और मुहिम छेड़ दी। देखते ही देखते स्वर्गीय यादव के साथी बैचमेट ने 9 लाख 13 हजार रुपए जुटा लिए, सभी ने अपने वेतन से पांच-पांच हजार रुपए सहयोग के लिए दिए।
पुलिस सेवा में बतौर आरक्षक भर्ती हुए थे

23 साल पहले पुलिस सेवा में बतौर आरक्षक भर्ती हुए विनोद शंकर यादव ने मंदसौर, दमोह और बैतूल में अपनी पुलिस सेवा का लंबा समय गुजारा है। 2015 में उन्होंने आरक्षक रहते हुए उप निरीक्षक की परीक्षा दी और फिर चयन के बाद मंदसौर में तैनात हो गए। वहां से यादव दमोह और फिर पिछले दो साल से बैतूल में तैनात थे। यहां उन्होंने शाहपुर के भौरा पुलिस चौकी में चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाली। एक साल से वे कोतवाली थाना क्षेत्र के पाढर में तैनात थे। अपने बैच के टॉपर विनोद शंकर को उनके अफसर बेहद काबिल अधिकारी बताते हैं।
