देवास/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के देवास जिले में उज्जैन लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की टीम ने देवास जिले के भौरासा नगर परिषद के अकाउंटेंट हरिओम कछोले को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। गिरफ्त में आने के बाद अकाउंटेंट बोला,मैंने तो सीएमओ मैडम माया मंडलोई के कहने पर रुपए लिए थे। मैडम ने कहा था कि बिल का 40 परसेंट लेना है। नियमानुसार मैडम पर भी एक्शन हो। वहीं पूरे मामले में सीएमओ की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,भौंरासा नगर परिषद का अकाउंटेंट हरिओम कछोले ने ठेकेदार मनीष यादव निवासी भौंरासा से पानी प्रदाय के बिल की राशि निकालने के एवज में 20 हजार हजार की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत के चक्कर में अकाउंटेंट बिल नहीं निकाल रहा था। फरियादी ने परेशान होकर इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन शैलेंद्र सिंह चौहान से कर दी। जिस सोमवार को सुबह टीम ने कार्रवाई की और अकाउंटेंट को रिश्वत लेते पकड़ा। अकाउंटेंट ने कुल बिल की राशि में 40 प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी। पानी सप्लाई के बिल की कुल राशि करीब 2 लाख 22 हजार 360 बताई जा रही है। अभी एक लाख के पैमेंट के लिए 40 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी। कार्रवाई में लोकायुक्त उज्जैन के निरीक्षक राजेंद्र वर्मा व टीम में आरक्षक नीरज ,विशाल, अनिल व संजय पटेल मौजूद थे। आवेदक की ट्यूबवेल से पचास रुपए प्रति टेंकर के हिसाब पानी लिया गया था।
इनका कहना–मैडम के कहने पर रुपए लिए
भौंरासा नगर परिषद के अकाउंटेंट हरिओम कछोले का कहना है कि लोकायुक्त ने पकड़ा है तो मामले में सच्चाई तो है। मैंने सीएमओ मैडम के कहने पर 20 हजार रुपए लिए थे। मैडम ने कहा था कि 40 परसेंट लगेगा। सवा दो लाख रुपए का बिल था। 40 फीसदी के हिसाब से 80 हजार रुपए से ज्यादा लेने थे। मैडम के कहने पर ही रुपए लिए हैं। मैं बस यही कहना चाहता हूं कि कोई रिश्वत नहीं ले।
