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फरार शराब तस्कर के प्रति आरक्षक की वफादारी,पकड़ने गयी अपनी पुलिस टीम पर हमला बोला

बता दें शराब माफिया जीतू चौहान शहर के पांच थानों हजीरा, बहोड़ापुर, पुरानी छावनी, महाराजपुरा और गोला का मंदिर में विभिन्न 9 आबकारी एक्ट के मामलों में नामजद है। हाल ही में पुरानी छावनी के जलालपुर में इसकी अवैध शराब फैक्ट्री पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। वह साल 2012 से शराब के धंधे में है और पुलिस जवानों की मदद से इस कारोबार को बढ़ाता चला गया है।


ग्वालियर/मध्यप्रदेश।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में पुलिस के एक जवान का अजीब कारनामा सामने आया है जवान ने शराब माफिया के साथ मिलकर पुलिस टीम पर ही हमला बोल दिया। जब पुलिस की टीम फरार शराब तस्कर जीतू पकड़ने गई थी। शराब माफिया के पास से पुलिस का वायरलेस सेट भी मिला है, जिसे वह 24 घंटे अपने पास रखता था। इससे उसे पुलिस की पल-पल की खबर मिलती रहती थी। फिलहाल हजीरा पुलिस ने इस मामलें में आरक्षक लेखराज और शराब तस्कर जीतू पर मामला दर्ज लिया है।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हजीरा थाना पुलिस को रविवार रात 11 बजे सूचना मिली थी कि शराब माफिया जीतू चौहान निवासी गोला का मंदिर शराब की किसी बड़ी डील को अंजाम देने निकल रहा है। जिस पर हजीरा पुलिस ने उसे महू जमार रोड स्थित पुल पर घेराबंदी करके पकड़ लिया। पुलिस जब जीतू को पकड़ा तो पुलिस टीम की आंखें खुली की खुली रह गईं। बाइक जीतू चला रहा था, लेकिन पीछे पुलिस का जवान लेखराज सिंह बैठा था। जो कि आठ माह पहले तक हजीरा थाने में ही पदस्थ था। उसके बाद उसे लाइन अटैच कर दिया गया था। जब पुलिस ने शराब माफिया को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी से पहले पुलिस जवान ने अपनी टीम पर हमला कर दिया। पुलिस की टीम ने दोनों को पकड़ लिया और थाने ले आए। यहां आरोपी जीतू चौहान के पास पुलिस का वायरलेस सेट देखकर पुलिस अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस के सरंक्षण में अवैध शराब का धंधा फलफूल रहा था

पकड़े गए शराब माफिया ने पुलिस के सरंक्षण में ही अपना अवैध शराब का धंधा फलने-फूलने की बात कबूली हैं। उसने तीन पुलिस जवानों के नाम लिए हैं जिनमें लेखराज, राजीव व पंकज सिंह तोमर है। उसके पास से मिला वायरलेस सेट आरक्षक पंकज तोमर का होना बता रहा है। जिसकी मदद से वह पुलिस की लोकेशन के बारे में पता करता रहता था। यही वजह थी कि आरोपित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पा रहा था।
पंकज पहले मुरार थाना में पदस्थ था। एसपी ने पिछले सप्ताह ही उसे लाइन अटैच किया है। वायरलेस सेट उसके पास होने से उसे एसपी द्वारा अपनी टीम को दिए जाने वाली हर गोपनीय सूचना मिल रही थी। इसका उपयोग वह अपने शराब कारोबार को बढ़ाने में कर रहा था। अब एसपी तीनों जवानों पर सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

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