बता दें कि आगरा से 706 लड़कियां लापता थीं। इनकी तलाश को एसएसपी ने सर्विलांस सेल के सिपाही राजुकमार को लगाया। राजुकमार ने जानकारी जुटाकर 16 महीने में 626 लड़कियों को बरामद कराया। 80 की तलाश जारी है। राजकुमार ने लड़कियों को बरामद करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसलिए उनका नाम डीजी मेडल के लिए भेजा गया है। उनकी मदद से 2020 से पहले लंबित मामले भी निपट गए।
आगरा/उत्तरप्रदेश।
उत्तरप्रदेश के आगरा से अपहरण और लापता हुईं 626 किशोरियों और बालिकाओं को पुलिस ने 16 महीने में बरामद करके कोर्ट में पेश किया। 16 महीने में लापता या अपहृत हुईं 626 किशारियों और बच्चियों को बरामद करवाने में सर्विलांस के सिपाही राजकुमार ने अहम भूमिका निभाई है। इतना ही नहीं राजकुमार की वजह से 2020 से पहले के मामलों को निपटा दिया गया है। राजकुमार के इस कार्य की एसएसपी बबलू कुमार ने काफी सराहना की है और उनका नाम डीजी मेडल के लिए भेजा है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि अगस्त से दिसंबर 2019 तक 141 लड़कियों को ढूंढा गया था। इनमें अपहरण और गुमशुदगी के मामले थे। इनको बरामद करने के बाद कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। इस साल 11 महीने में 485 लड़कियां बरामद की गईं।
इस तरह 16 महीने में 626 लड़कियों को बरामद किया गया है। अब 80 की बरामदगी शेष रह गई है। इसके लिए थाना पुलिस के साथ ही सर्विलांस की टीम को लगाया गया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इनकी बरामदगी के लिए थानों की पुलिस लगी थी।
सिपाही राजकुमार का नाम मेडल के लिए भेजा
लड़कियों की बरामदगी के लिए सर्विलांस सेल के सिपाही राजकुमार को लगाया गया। उनके सहयोग के लिए दो सिपाही दिए गए। राजकुमार ने एक रजिस्टर बनाया। इसमें वह अपहृत के बारे में सभी जानकारी रखते हैं। जो मिल जाती हैं,उनका नाम काट दिया जाता है। इसमें परिचित, दोस्त और सगे संबंधियों के भी नाम रखते हैं।
उनके मोबाइल नंबर की जानकारी होती है। वह उनके नंबरों को सर्विलांस की मदद से ट्रेस करते हैं। वह लोकेशन को पुलिस टीम के साथ साझा करते थे। राजकुमार ने लड़कियों को बरामद करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसलिए उनका नाम डीजी मेडल के लिए भेजा गया है। उनकी मदद से 2020 से पहले लंबित मामले भी निपट गए।
