बता दें कि RI ने रिश्वत लेने के लिए हुकुम सिंह नाम का एक आदमी को नियुक्त कर रखा था। वे आरआई के लिए रिश्वत लेने का काम करता था। इस मामले में भी हुकुम सिंह ने रिश्वत लेने का काम किया था। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने आरआई को ट्रैप किया और 25 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया। भोपाल लोकायुक्त की टीम ने आरआई अनिल मालवीय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में लोकायुक्त द्वारा लगातार भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। लेकिन इसके बावजूद सरकारी अधिकारी,कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे है ऐसा ही एक मामला राजधानी भोपाल से सामने आया है। जहां लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्ट राजस्व विभाग के आरआई अनिल मालवीय को 25 हजार की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया है। आरआई अनिल मालवीय ने रिटायर्ड पुलिसकर्मी एएसआई जीपी त्रिपाठी के जमीन के बटान और सीमांकन के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ था। इसी दौरान रिटायर्ड पुलिसकर्मी जीपी त्रिपाठी ने मंगलवार को लोकायुक्त में इसकी शिकायत की थी।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त एसपी मनु व्यास ने बताया कि फरियादी रिटायर्ड पुलिसकर्मी एएसआई जीपी त्रिपाठी ने 10 मई को शिकायती आवेदन देते हुए बताया था कि उनकी ग्राम हिनोतिया तहसील कोलार में उनकी पांच हजार वर्गफीट जमीन है। जिसका सीमांकन करवाया जाना था। इसके लिए इलाके के तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक अनिल मालवीय को कहा था। इस पर अनिल मालवीय ने फरियादी को उनके निवास के पास स्थित दफ्तर बुलाया और भूखंड, बटान एवं सीमांकन करने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की। आखिर 25 हज़ार रुपये पर बात तय हुई। फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की। लोकायुक्त द्वारा सत्यापन कराया गया तो शिकायत सही पाई गई। आरोपित आरआइ अनिल ने शनिवार को फरियादी को 25 हजार रुपये के साथ बुलाया। अनिल ने अपने निजी सहयोगी हुकुम सिंह के द्वारा रिश्वत ली। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने दोनों को रंगेहाथ उनके दफ्तर से रिश्वत लेते हुए दबोच है। लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है।
खास बात यह है की रिश्वत की राशि लेकर अनिल कुमार ने अपने प्रियदर्शनी अधिष्ठान स्थित निजी कार्यालय में बुलाया था। यहां पर अनिल कुमार ने अपने हेल्पर हुकूम सिंह को रिश्वत की राशि हेडओवर कराई। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने दबोच लिया। अनिल कुमार का घर भी प्रियदर्शनी अधिष्ठान में ही है। जिसकी लोकायुक्त की एक अलग टीम तलाशी ले रही है।
