बता दें कि घटनास्थल पर देरी से पहुंचने पर ग्वालियर आईजी अनिल शर्मा को हटा दिया गया है।
आरोन/गुना/मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश के गुना के आरोन थानाक्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ में एक एसआइ सहित तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। तड़के 3 से 4 बजे के बीच की यह घटना बताई जा रही है। ड्राइवर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोई भी पुलिस अधिकारी इस घटना पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। SI राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम की मौत हो गई है।
शिकारियों से मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की मौत के बाद जिले से भारी पुलिस बल जंगल में भेजा गया है। शिकारियों के संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जानकारी मिल रही है कि पुलिस ने एक शिकारी को मार गिराया है। घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तीनों पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 12.30 बजे आरोन थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शहरोक गांव की पुलिया से आगे मौनवाड़ा के जंगल में शिकारियों द्वारा ब्लैक बग हिरण और मोर का शिकार किया गया है। इस पर थाने से एसआइ राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीना सहित सात लोग दो चारपहिया और एक बाइक से जंगल की ओर रवाना हुए। इस दौरान पुलिस ने चार मोटरसाइकिल से आए दो-तीन शिकारियों को पकड़ लिया। लेकिन तभी पीछे से आए शिकारियों के अन्य साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें तीन पुलिसकर्मियों में से सभी सात से आठ गोलियां लगने से मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य भाग निकले।

मुठभेड़ में उपनिरीक्षक राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम शामिल की मौत हो गई हैं। वहीं सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से से हिरण, मोर के शव भी बरामद किए हैं। जबकि आरोपित फरार हो गए हैं। इधर, अभी कोई पुलिस अधिकारी ज्यादा कुछ जानकारी देने से बचते नजर आ रहे हैं।

सीएम शिवराज ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
गुना में शिकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सुबह 9:30 बजे आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा जी, सीएस, एडीजी ईंट., पीएस गृह, पीएस मुख्यमंत्री सहित पुलिस के बड़े अधिकारी शामिल हैं। डीजीपी और गुना प्रशासन के बड़े अधिकारी बैठक से वर्चुअली जुड़ेे हैं।
गोविंद सिंह ने की गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग
इस प्रकरण को लेकर सियासत भी गर्मानेे लगी है। नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह बोले- गुना की घटना दुःखद है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वह पुलिस को ही नहीं छोड़ रहे। गुना की घटना के बाद गृह मंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
तीनों पुलिस कर्मी परिवारों को मेरी संवेदनाएँ। इन तीनों पुलिस कर्मी परिवारों को
पर्याप्त मुआवज़ा,
उनके सेवा निवृत्त होने के समय तक पूरा वेतन
उनके बच्चों के निःशुल्क शिक्षा व
एक परिवार जन को शासकीय अनुकम्पा नियुक्ति तत्काल दें।
हमारे गुना ज़िले के लिए शर्म की बात है।
2/n— digvijaya singh (@digvijaya_28) May 14, 2022
बेहद सनसनीखेज मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट करते हुए प्रतिक्रिया दी है। दिग्विजय सिंह ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ‘कल रात को गुना जिले के आरोन थाने में पुलिस इंस्पेक्टर जाटव प्रधान, आरक्षक भार्गव और आरक्षक मीना की हिरण के शिकारियों ने हत्या कर दी। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं. पुलिस से अनुरोध करता हूं इन अपराधियों की जांच कर इन्हें कठोर से कठोर सजा दिलवाएं.’
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