ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी फूलसिंह बरैया के एक के बाद एक विवादित वीडियो सामने आ रहे हैं, जो फेसबुक, ट्वीटर आदि सोशल मीडिया मंचों पर खासा वायरल हो रहे हैं। बरैया का एक और विवादित वीडियो सामने आया है, जिसमें वे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का उपहास उड़ा रहे हैं और खासा विवादित टिप्पणी कर रहे हैं। दरअसल,मध्यप्रदेश में सियासी माहौल पल-पल बदलता नजर आ रहा है। वहीं लोग प्रत्याशियों के पुराने वीडियो शेयर कर उन पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच फूल सिंह बरैया का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
वीडियो में जिस मंच से बरैया संबोधन कर रहे हैं, उसमें लगे होर्डिंग में यह साफ उल्लेख है कि 9 अक्टूबर 2015 में ग्वालियर मेला ग्राउंड में आरक्षण समर्थक महारैली कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। जहां हजरों लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि…रानी लक्ष्मी बाई कोई वीरांगना नहीं थी। वो तो अपने बच्चे को लेकर झांसी से भागी थी। ग्वालियर में आकर उन्होंने आत्महत्या की थी। ऐसे में लक्ष्मीबाई को वीरांगना नहीं कहा जाना चाहिए।
क्या बोला बरैया ने वीडियो में,उन्हीं की जुबानी
इस भीमटे #फूल_सिंह_बरैया को गिरफ्तार किया जाय हमारी क्रांतिकारी वीरांगना #रानी_लक्ष्मीबाई को अपमानित करने के लिए।#अरेस्ट_फूलसिंह_बरैया@brajeshlive @brajeshpathakup@NTGLAWFIRM @AzadSenaChief @DPShukl49295554 @panditain_avika @DHANRAJBAJPAI3 @ajay_bhatele @Brahman_12 pic.twitter.com/NkmOfE0TyK
— रीता (आरक्षण विरोधी – ब्राह्मणी) (@mhadevkidiwani) October 26, 2020
खूब लड़ी मर्दनी वो तो झांसी वाली रानी है…बुंदेले हरबोलो के मुंह हमने सुनी कहानी हैं। सुनी ही है, यह तो लिखी भी नहीं, क्यों सुनते हो तुम..?युद्ध का मैदान कहां था…झांसी। और मरी आत्महत्या करके (रानी लक्ष्मीबाई) ग्वालियर में। वीरांगना उसी को कहते हैं जो युद्ध के मैदान में मरे। युद्ध का मैदान झांसी में था, मरी थी लक्ष्मीबाई ग्वालियर में ‘आत्महत्या करके”। आत्महत्या करने वाले को अगर वीरांगना कहा, तो रोज 10 लड़कियां आत्महत्या कर रही हैं, उन्हें भी लिखो कि वीरांगना हैं ये…दिमाग से सोचिए आप..लिखी हुई और सुनी हुई बातें मत करिए। कौन लड़ा था मालुम है? इसके बारे में पढ़ियो। झलकारी बाई कोरिन हमारी बहन लड़ी थी झांसी में…ये तो बच्चे को ले करके भाग रही थीं, ये लड़ी नहीं हैं, एक मिनट नहीं लड़ीं। और लिख दिया खूब लड़ी मर्दानी…
ओहहह..हो…हो…
सवर्ण व महिलाओं पर अमर्यादित बयान भी हुआ था वायरल
हालांकि फूल सिंह बरैया और विवादित टिप्पणी का इतिहास नया नहीं है। अभी हाल ही में उन्होंने दलित और मुसलमानों के डीएनए को लेकर एक विवादित टिप्पणी दे दी थी। जिससे मुस्लिम समुदाय ने उनके प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया था। बरैया ने कहा था कि दलित और मुसलमान का डीएनए (DNA) समान है। वह दोनों एक ही पिता की औलाद है।
वही सवर्ण महिलाओं पर भी फूल सिंह बरैया ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। अब ऐसे में 5 साल बाद फिर से उपचुनाव में महारानी लक्ष्मी बाई पर किए उनके इस विवादित बयान का उनके मतदान पर कितना असर पड़ता है। यह तो वक्त ही बताएगा।
