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थाने में भू-माफिया को VIP ट्रीटमेंट:बॉबी छाबड़ा की आवभगत और आतिथ्य के आरोप में,टीआई सहित 5 सस्पेंड

बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब पुलिसकर्मी भू माफिया बॉबी की मदद में सस्पेंड हुए हों इससे पहले भी बॉबी की मदद करने में पुलिस वाले सस्पेंड हुए थे। 2010 में बॉबी को अन्नपूर्णा पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उस वक्त तत्कालीन टीआई सीएस चढार सस्पेंड हुए थे। चढार पर बॉबी को थाने में एसी की सुविधा देने का आरोप लगा था। फिलहाल ताजा मामले की जांच के लिए सीएसपी एसकेएस तोमर जांच सौंपी गई है।



इंदौर/मध्यप्रदेश……………..


मुख्यमंत्री एक ओर प्रदेश में एन्टी भू-माफिया सेल बनाकर प्रदेश को भू-माफियाओं से मुक्त बनाकर सफाई अभियान में लगे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारी व पुलिसकर्मी थानों में इनकी सेवा सत्कार,आवभगत और आतिथ्य में लगें हैं। ताज़ा मामला इंदौर से है जहाँ कुख्यात भू-माफिया बॉबी छाबड़ा की गुपचुप तरीके से मदद करने और उसके लिए सुविधाएं जुटाने के मामले में खजराना थाने के टीआई प्रीतमसिंह ठाकुर समेत 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। यह कार्रवाई डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र ने की है।


क्या था पूरा मामला……………..


प्राप्त जानकारी के अनुसार,आईजी विवेक शर्मा को इस मामले में सीधी शिकायत मिली थी कि पुलिस महकमे के कुछ अधिकारी और पुलिसकर्मी बॉबी की गिरफ्तारी के बाद से ही उसकी मदद कर रहे हैं। जांच में शिकायत सही पाई गई जिस पर डीआईजी ने पांचों के खिलाफ कार्रवाई की।


इन पर गाज गिरी…………….


सस्पेंड पुलिसकर्मियों में एसआई आरएस दंडोतिया, आरक्षक रविकुमार, अनुज कटारिया और संजू सिंह शामिल हैं। बताया जाता है कि टीआई और पुलिसकर्मी खजराना थाने में बॉबी की अवैध रूप से लगातार मदद कर रहे थे। उसके लिए कपड़े, जूते और खाने की व्यवस्था की गई। यहां तक कि कुछ लोगों से मोबाइल फोन पर बॉबी की बात भी कराई गई। पांचों ने उसे आरोपित की तरह नहीं रखा, उल्टा उसे सुविधाएं दीं। इससे पीड़ितों को जो लाभ मिलना था, वो नहीं मिला क्योंकि थाने के बाहर बॉबी की टीम सक्रिय थी। मामले की गोपनीय जानकारी क्राइम ब्रांच से निकलवाई गई जिसमें इसकी पुष्टि हुई।


अचानक थाने पहुंची डीआईजी…………….


शिकायत आने के बाद पिछले दिनों डीआईजी खुद अचानक खजराना थाने पहुंची। वहां उन्हें परिसर में छुपकर बैठे तीन लोग दिखे। डीआईजी के पहुंचते ही वे सकपका गए। इनमें बॉबी का दोस्त, महू का मिठाई व्यवसायी और एक अन्य शामिल था। डीआईजी को शंका हुई तो तीनों को पकड़कर थाने में बैठाया गया।

क्राइम ब्रांच की जांच में इसकी तस्दीक हुई कि टीआई, संत्री और सिपाही बॉबी की मदद कर रहे हैं। यह भी पता चला है कि कई बार थाने में तो कभी एमवाय हॉस्पिटल में मेडिकल के लिए ले जाने के दौरान या तलाशी-सर्चिंग के दौरान बाले-बाले बॉबी की मदद की जा रही थी। डीआईजी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच खजराना क्षेत्र के सीएसपी को जांच सौंपी है।

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