बता दें कि इंदौर में एक नाबालिग छात्रा को कानून की मदद के लिये मिन्नतें मांगनी पड़ रही हैं। यहां छात्रा ने बदमाशों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने के भी कई प्रयास किये लेकिन कोई मदद नहीं मिली, जिसके चलते छात्रा ने डीआईजी कार्यालय में आत्मदाह करने की कोशिश की।
इंदौर/मध्यप्रदेश।
इंदौर के डीआईजी कार्यालय परिसर में उस समय हंगामा मच गया जब एक नाबालिग ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। नाबालिग का आरोप है कि उसके साथ हर दिन उसके आस पड़ोस के युवक छेड़खानी करते हैं और उसे रेप की धमकियां देते हैं लेकर पलासिया पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती और आरोपी सरेराह घूमते हैं।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,स्थानीय बदमाशों की छेड़छाड़ से परेशान नाबालिग ने जैसे ही डीआईजी कार्यालय में खुद पर घासलेट डालकर आत्मदाह की कोशिश की वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने नाबालिग छात्रा को आत्मघाती कदम उठाने से रोक दिया। जिसके रुआंसी होकर छात्रा ने आपबीती मीडिया और डीआईजी कार्यालय में मौजूद पुलिस अधिकारियों को बताई। छात्रा का आरोप है कि वो क्षेत्र के बदमाशो की छेड़छाड़ से इतना तंग आ चुकी है उसने अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी है। छात्रा ने लिखित शिकायत में शुभम, यश, नितिन, जानू, पुनीत और विकास सोनकर पर गम्भीर आरोप लगाए है।
क्षेत्रीय बदमाश छेड़छाड़ कर रेप करने की धमकी देते हैं
नाबालिग लड़की पलासिया थाना क्षेत्र में स्थित बड़ी ग्वालटोली के तिरुपति कॉलोनी की रहने वाली है। आरोप है कि उसके साथ आये दिन क्षेत्रीय बदमाश छेड़छाड़ करते हैं और उसका रेप करने की धमकी देने के साथ ही उसे मारने की धमकी भी देते है। ऐसे में बदमाशों से तंग आकर कई बार छात्रा ने पलासिया पुलिस को शिकायत भी दर्ज कराने की कोशिश लेकिन छात्रा का आरोप है कि बदमाशों के रसूख के चलते उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नही की जा रही है। छात्रा का आरोप है कि हाल ही में बदमाशों ने उसके परिजनों के साथ मारपीट भी की थी जिसके चलते जिस घर मे वो पिछले 8 साल से किराये से रहती थी उसे मजबूरी में उसे छोड़ना पड़ा। छात्रा की मांग है कि बदमाशों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
