बता दें कि लोकायुक्त ने जनपद पंचायत के CEO रवींद्र गुप्ता को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा है।
आरोपी ने यह रकम ममार इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अनुज ममार एवं उनके सहयोगी दीपक कौरव के हाथों ली थी।
नरसिंहपुर/मध्यप्रदेश।
भ्रष्ट्राचार मुक्त मध्यप्रदेश को लेकर प्रदेश की शिवराज सरकार भले ही प्रयास कर रही है। बावजूद इसके प्रदेश के विभिन्न विभागों के सरकारी अधिकारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से आया है। जहां पर लोकायुक्त डीएसपी की अगुवाई वाली टीम ने 10000 की रिश्वत लेते जनपद पंचायत सीईओ को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्यवाही के बाद कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। टीम ने भ्रष्ट जनपद सीईओ के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मामला नरसिंहपुर जिले की जनपद पंचायत चांवरपाठा का है। यहां सीईओ रविंद्र गुप्ता को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने आज बुधवार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि जनपद सीईओ द्वारा बरमान रेतघाट में मकर संक्रांति मेला के दौरान लगाए गए सीसीटीवी कैमरे के लंबित भुगतान को करने के एवज में पीड़ित अनुज ममार की फर्म से 25 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। सीईओ द्वारा रिश्वत के 15000 पहले प्राप्त कर लिए गए थे,आज शेष 10 हजार की रूपये लेने की तैयारी थी। शिकायत पर लोकायुक्त द्वारा पूरी तैयारी के साथ आरोपी को 10 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया जाता है कि कार्यवाही होने के बाद CEO इस तरह घबराए कि उनकी हालत सामान्य होने तक अधिकारियों को इंतजार करना पड़ा।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
लोकायुक्त डीएसपी दिलीप जरबदाई, निरीक्षक स्वप्निल दास, आरक्षक विजय बिस्ट,अमित मंडल समेत 12 लोगों की टीम ने सीईओ को 10 हजार रुपए लेते हुए कार्यालय में रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
