बता दें कि रतलाम जिले के जावरा नगर पालिका में उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। जहाँ जावरा नगरपालिका के CMO नीता जैन (neeta jain) सहित PWD विभाग में कार्यरत बाबू विजय सिंह सक्तावत को 18,500 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया। रिश्वत लेने के मामले में रंगे हाथ पकड़ाईं जावरा CMO नीता जैन इससे पूर्व रतलाम नगर निगम में सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ थीं। यहां संपत्ति कर विभाग की प्रभारी रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। स्थानीय कर्मचारियों ने सहायक आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद जनवरी 2021 में स्थानांतरित होकर नीता जैन जावरा नगर पालिका की CMO बनी थीं।
रतलाम/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विभिन्न मंचों से प्रदेश में सुशासन लाने की बात कह रहे हैं लेकिन प्रदेश के जिम्मेदार अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। रोजाना प्रदेश में किसी न किसी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया जा रहा है। ताजा मामला रतलाम की जावरा तहसील का है। धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। सीएमओ नीता जैन के कहने पर रिश्वत लिए जाने के तथ्य पर लोकायुक्त ने उन्हें भी आरोपित बनाया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,रतलाम जिले की जावरा तहसील की नगर पालिका सीएमओ नीता जैन और PWD के बाबू विजय सिंह सक्तावत को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की टीम ने 18,500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोर सीएमओ और बाबू ने ये रिश्वत जावरा के ही रहने वाले ठेकेदार पवन भावसार से रिश्वत की डिमांड की थी। ठेकेदार पवन भावसार ने जावरा नगर पालिका के अंतर्गत कुछ निर्माण कार्यों का काम कराया था जिसके पेंडिंग बिलों के भुगतान के एवज में उससे सीएमओ और बाबू ने रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ठेकेदार ने मामले की शिकायत उज्जैन लोकायुक्त से की थी और जब लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की तो सही पाए जाने पर जाल बिछाकर रिश्वतखोर सीएमओ और बाबू को रंगेहाथों गिरफ्तार किया।
