बता दें कि श्यामाचरण द्विवेदी की मौत के बाद बैकफुट आयी पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया है। सीओ सिटी संतोष कुमार का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जालौन/उत्तरप्रदेश।
“”हमें अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था”” जी हाँ ये वाक्य इस घटना को चरितार्थ करता है। जहाँ विभाग की निरंकुशता के चलते अपने ही रिटायर्ड हेड कांस्टेबल की सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते हताश होकर उन्होंने यह दर्दनाक कदम उठाना उचित समझा। दरअसल, उत्तरप्रदेश में पुलिस की सख्ती के बावजूद गुंडों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला जालौन जिले का है, जहाँ एक रिटायर्ड हेड कांस्टेबल ने खुद को गोली मार ली। लोगों का कहना है कि गुंडे आये दिन हेड कांस्टेबल के बेटों की पिटाई करते थे। आए दिन उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती थीं। जिसके चलते हेड कांस्टेबल ने ये घातक कदम उठाया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,जालौन जिले के उरई में स्थित मोहल्ला नया पटेल नगर में मंगलवार रात दबंगों की धमकी से परेशान रिटायर्ड हेड कांस्टेबल ने को खुद को गोली मारकर जान दे दी। घटना को लेकर कोतवाली पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि रिटायर्ड हेड कांस्टेबल के पुत्रों के साथ दबंगों ने मारपीट की थी।
मामले की तहरीर दिए जाने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। रात में आरोपित फिर से घर पहुंच गए जिसके बाद रिटायर्ड हेड कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली। मोहल्ला पटेल नगर में ठंडेश्वरी मंदिर के पास रहने वाले श्यामचरण द्विवेदी पिछले साल 8 दिसंबर को कानपुर से हेड कांस्टेबल पद से रिटायर हुए थे।
परिजनों के आरोप पुलिस दबंगों पर मामला दर्ज करने से बचती रही
दो दिन पहले उनके पुत्रों अजय व विजय का जेके हाउस के पास रहने वाले जीतू पंडित, रत्नेश, टाइगर पंडित, उज्जवल पाल, निखिल पटेल से झगड़ा हो गया। आरोपितों ने दोनों के साथ मारपीट कर दी थी। श्यामाचरण पुत्रों के साथ हुई मारपीट के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए खुद कोतवाली गए थे, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। हताश होकर श्यामाचरण घर चले गए।
मंगलवार रात आरोपितों ने फिर से उनके घर पहुंचकर धमकी दी। जिसके बाद श्यामाचरण ने अपनी लाइसेंसी रायफल से खुद को गोली मार ली, जिससे उनकी मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। श्यामाचरण की पत्नी दर्शन देवी, पुत्र विजय व अजय का आरोप है कि पुलिस ने यदि दबंगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली होती तो यह घटना नहीं होती।
