बता दें कि आज लोकायुक्त की टीम ने राजस्व विभाग के बाबू को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बाबू का नाम श्रीकृष्ण बोहरे है जिसने जमीन के नामांतरण के एवज में हरीसिंह राणा से रिश्वत मांगी थी जिस ज़मीन के लिए यह रिश्वत मांगी गयी थी वह ज़मीन भिंड जिले की मौ तहसील में है।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
लोकायुक्त ग्वालियर (Lokayukta Gwalior) की टीम ने नामांतरण कराने की एवज में 20,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे भिंड जिले की मौ तहसील के एक क्लर्क को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। क्लर्क इलाज कराने ग्वालियर आया था।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त इंस्पेक्टर आराधना डेविस ने बताया कि भिंड जिले की मौ तहसील में आवेदक हरी सिंह राणा ने पिताजी की मृत्यु के बाद जमीन नामांतरण का आवेदन दिया था। वहां पदस्थ क्लर्क श्रीकृष्ण बोहरे इसके लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। मामला 20 हज़ार रुपये में तय हुआ। रिश्वत कल मंगलवार को देनी थी लेकिन श्रीकृष्ण का एक्सीडेंट हो गया तो कल रिश्वत की रकम नहीं दी जा सकी। वे इलाज के लिए ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में आ गए यहाँ आकर उन्होंने हरी सिंह को पैसे लेकर आने के लिए कहा, और जैसे ही हरीसिंह ने क्लर्क को पैसे दिए वहां पहले से ही तैयार आराधना डेविस साथी इंस्पेक्टर कवीन्द्र सिंह चौहान एवं ब्रजमोहन नरवरिया की टीम ने क्लर्क श्रीकृष्ण बोहरे को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
