HomeBreaking Newsरिश्वतकांड में टीआई अर्चना नागर सहित SI और ASI लाइन अटैच,जांच एसडीओपी...

रिश्वतकांड में टीआई अर्चना नागर सहित SI और ASI लाइन अटैच,जांच एसडीओपी को सौंपी

बता दें कि थाना प्रभारी अर्चना नागर पर पूर्व में भी इस तरह के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं इसके पहले भोपाल में साइबर शाखा में पदस्थ रह चुकी हैं जहां पूर्व में भी उन पर लाखों रुपए के गवन करने पर भोपाल के गोविंदपुरा थाना में एफआईआर दर्ज हो चुकी थी और वही इस तरह के मामले पहले भी थाना प्रभारी पर आरोप लग चुके है।


उज्जैन/मध्यप्रदेश।

उज्जैन जिलें के बड़नगर थाना प्रभारी अर्चना नागर के द्वारा 50 हजार की रिश्वत लेने का ऑडियो सोशल मीडिया में तेजी वायरल हो रहा है। ये वही मैड़म है जो नरसिंहपुर जिलें की तहसील गाडरवारा में भी पदस्थ रह चुकी है जहाँ अर्चना नागर थाना प्रभारी की पोस्ट पर कोरोना महामारी में अपना जन्मदिन मना रही थी। वही कोरोना वायरस के शासन प्रशासन की गाइडलाइन को नहीं मानते हुये जन्मदिन की सेल्फी सोशल मीडिया वायरल हुई। वही जैसे ही नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक को इस बात की सूचना मिली उन्होंने तत्काल ही अर्चना नागर को लाइन अचैट कर दिया तब। प्रदेश में शासकीय अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने के मामले काम होने का नाम नही ले रहे। कभी बालाघाट तो कभी मंडला अब उज्जैन के बड़नगर की थाना प्रभारी का ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उनके द्वारा रुपए की मांग की जा रही है।

ऑडियो वायरल होने के बाद कार्यवाही

बहुचर्चित रिश्वतकांड के मामले में ऑडियो वायरल होने से शनिवार को पुलिस अधीक्षक मनोजसिंह ने बड़नगर थाना प्रभारी अर्चना नागर, उपनिरीक्षक जीवन भिंडोरे, सहायक उपनिरीक्षक सत्येंद्र चौधरी को लाइन अटैच कर दिया। मामले की जांच एसडीओपी रवींद्र वर्मा को सौंपी गई है।

उपनिरीक्षक जीवन भिंडोरे

एसपी से शिकायत में पीड़ित ने बताया वाहन खरीद-फरोख्त को लेकर हुआ विवाद सुलझाने की जगह बड़नगर पुलिस ने उसे कमाई का जरिया बना लिया। टीआई नागर व एसआई भिंडोरे ने पीड़ित से रुपए लेने के बाद भी धमकाते रहे। नतीजा पीड़ित ने रिश्वत मांगने की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ शुक्रवार को एसपी मनोजसिंह को शिकायत कर दी।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,बड़नगर तहसील के ग्राम चिरोलाकलां निवासी ओम पिता अशोक परमार ने किस्त नहीं भर पाने पर 21 जुलाई को अपनी बोलेरो जीप एमपी 13 सीए 1059 रतलाम के अंकित पिता राजेंद्र राठौड़ को 33 हजार रुपए व किस्त भरने की शर्त पर बेची थी। अंकित द्वारा एक किस्त के बाद अन्य किस्ते नहीं भरने और धमकाने पर परमार ने इस संबंध में शिकायत थाने में की थी। पुलिस ने रतलाम से अंकित को वाहन के साथ थाने तो बुला लिया, लेकिन जीप लौटाने के लिए टीआई नागर व एसआई डिंडोरे ने उनसे 35 हजार रुपए मांगे। परमार द्वारा असमर्थता जताने पर वाहन 3 दिन थाने पर रख फोन पर दबाव बनाते रहे। नतीजतन ओम बातचीत की वॉइस रिकॉर्डिंग करने लगा। इसी बीच टीआई नागर ने उसे घर बुलाया और 15 हजार रुपए लेकर शेष राशि देने पर वाहन लौटाने का कह दिया। पुलिस के रवैए से तंग आकर ओम ने अंकित से समझौता कर लिया। उसकी राशि लौटाकर बोलेरो जीप वापस ले ली, लेकिन प्रताड़ना से परेशान होकर वह शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंच गया। उसने पुलिस अधीक्षक सिंह को शिकायत करते हुए ऑडियो भी सौंप दिया। शिकायत में परमार ने 15 हजार रुपए वापस दिलवाने के साथ दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!