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एक दशक तक भोपाल,इंदौर,उज्जैन की पुलिस ऑफिसर मैस में ठहरने वाली मास्टरमाइंड युवती का भंडाफोड़

आठवीं पास युवती एक दशक तक पुलिस अधिकारियों को अपनी अंगुलियों पर नचाती रही युवती का दुस्साहस इतना कि पुलिसकर्मियों के तबादलों के आवेदन भी लेने लगी।


इंदौर/मध्यप्रदेश…….


संदिग्ध चेहरों को पहचानकर उनकी असलियत उजागर करना पुलिस का मुख्य काम होता है, लेकिन 10 महीनों से पुलिस ऑफिसर मेस में ठहरी हुई युवती के बारे में पुलिस को हवा भी नहीं लगी, यही नहीं पुलिस उस युवती की खातिरदारी में लगी रही, उसे एसी क्वाटर उपलब्ध करवाया गया, यहां तक की उसकी सुरक्षा में पूरे समय गनमैन तैनात किये गए।

एक जालसाज युवती पूरे 10 महीने तक पुलिस ऑफिसर्स मेस, इंदौर में रुकी रही पुलिस उसकी खातिरदारी करती रही उसे एसी रूम दिया गया

आने जाने के लिए पुलिस का वाहन गार्ड और अधिकारियों ने उसे शॉपिंग भी कराई।

इंदौर के पुलिस अफसर ही नहीं, भोपाल, उज्जैन के अफसर भी फंसे और वीआईपी ट्रीटमेंट देते रहे एक दशक तक पुलिस अफसरों को अंगुलियों पर नचाने वाली जालसाज युवती का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया कि वह पुलिसकर्मियों के तबादले के आवेदन लेने लगी अफसरों के यहां शादी-पार्टियों में मेहमान बनकर जाती इस मेहमान के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अफसरों के पैरों तले जमीन खिसकी हुई है।


कैसे खुली पोल………


दरअसल युवती ने खुद को इंदौर रेंज के एडीजी अजय शर्मा की बहन बता के रुकी हुई थी चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ऑफिसर्स मेस में सुविधाएं उपलब्ध कराने से पहले और उसके बाद भी किसी ने एडीजी से कंफर्म नहीं किया। 

दरअसल, सोमवार शाम पुलिस ऑफिसर्स मेस के अधिकारियों ने एडीजी अजय शर्मा से पूछा कि, उनकी बहन मेस में ठीक से रह रही है, उन्हें किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं। इस पर एडीजी ने कहा कि, उनकी कोई बहन नहीं है, इसके बाद अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गयी।


जहाँ परिंदा भी पर नही मार सकता वहाँ 10 महीने से रुकी थी युवती…….


पुलिस ऑफिसर्स मेस ऐसा स्थान है, जहां सीबीआई और एनआईए के अधिकारी भी आकर ठहरते है।

वे वहां अपराधियों से पूछताछ भी करते है ऐसे में आशंका है कि इस युवती ने कई गोपनीय जानकारियां भी इधर से उधर की होगी, लेकिन पूरा मामला सामने आने पर पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है ऑफिसर मेस में कोई बगैर इजाजत दाखिल नहीं हो सकता, वहां युवती पिछले 10 महीने से रुकी थी।


सबसे पहले 2008 में रुकी थी ऑफिसर मैस में……..


सोनाली पहली बार 2008 में रिटायर्ड डीजी लोकायुक्त कापदेव के रिफरेंस पर उनकी बेटियों के साथ ऑफिसर मैस में ठहरी थी। बाद में इसने पुलिस अधिकारियों से पहचान बनाई और उनकी रिश्तेदार बताकर फायदा उठाना शुरू किया। इसके बाद इसका आना-जाना लगा रहा तो मैस के कर्मचारी भी इसे विशिष्ट अतिथि की तरह सम्मान देने लगे। इसने कुछ समय पूर्व एक रेलवे एसपी के फोन से भी रूम बुक करवाया था। वह कुछ दिन पहले सीएसपी ज्योति उमठ की शादी में भी शामिल हुई थी।


डीआईजी ने मीडिया को बताया…….


डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि, एक टीम भेजकर युवती को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ शुरू की गयी।

युवती अपना नाम सोनाली शर्मा बताकर यहां रुकी हुई थी शुरुआती पूछताछ में सोनाली ने सिर्फ रुतबा जमाने के लिए ऐसा करने की बात कही है वह इससे पहले भोपाल में भी कई सरकारी गेट्स हाउस में रहती रही है वह यहां क्यों आकर रह रही थी इस बारे में उससे पूछताछ की जा रही है।

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