जानवरों के प्रति लोगों के दिल मे कितना प्रेम होता हैं कि वह उन्हें अपने घर का सदस्य के समान मानने लगतें है और उनके साथ अगर कुछ गलत हो तो वो सहन नही कर पाते।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश……
ग्वालियर सिटी कोतवाली में आज एक बकरी की मौत से जुड़ा बड़ा ही दिलचस्प मामला आया जहाँ पशु चिकित्सालय की लापरवाही से दो बच्चों की मां चांदनी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जिसके बाद बकरी के मालिक के दिल पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और इस दर्द को दिल मे लिए अपने घर में सदस्य की तरह रहने वाली बकरी के लिए उसने कोतवाली में लिखित शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
चांदनी को न्याय दिलाने के लिए मालिक भूपेंद्र खटीक बकरी के पोस्टमॉर्टम के लिए भी राजी हो गया भूपेंद्र को चिंता थी कि चांदनी के 2 मासूम बच्चे हैं,उनकी देखभाल अब कौन करेगा ?
क्या है मामला……..
दरअसल चांदनी नामक बकरी तेज़ बुखार से पीड़ित थी उसका मालिक भूपेंद्र खटीक इलाज के लिए पशु चिकित्सालय ले गया वहां डॉक्टर ने चांदनी को इंजेक्शन लगाने को कहा आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कम्पाउंडर बनवारीलाल धाकड़ ने बकरी को इंजेक्शन लगाया इंजेक्शन लगाने के 5 मिनट के भीतर चांदनी की मौत हो गई अचानक हुए इस हादसे ने मालिक भूपेंद्र खटीक के दिल पर गहरा आघात पहुँचा क्योंकि जिस चांदनी को वो घर के सदस्य की तरह पाल रहा था वो उसे हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी थी।
अस्पताल प्रबंधन ने मामले से पल्ला झाड़ा…….
बकरी के मालिक ने जब इस मामले में चिकित्सालय के डॉक्टर से बात की तो उन्होंने यह कहते हुए मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि जिस कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाया था वो अस्पताल के स्टाफ में शामिल ही नहीं है बिना किसी अनुमति के पशु चिकित्सालय वाले आरोपी बनवारीलाल धाकड़ से सेवाएं ले रहे थे इस पर पीड़ित पशु मालिक आग बगूला हो गया।
