HomeNews Headlinesएक दरोगा ऐसा भी:पुलिस दरोगा ने गरीब कन्या का भाई बनकर कन्यादान...

एक दरोगा ऐसा भी:पुलिस दरोगा ने गरीब कन्या का भाई बनकर कन्यादान किया

“पुलिस के लिए सिंघम सुना था दबंग सुना था लेकिन आज एक नाम और जुड़ गया पुलिसवाला भैया दरअसल दरोगा रणजीत यादव समाज सेवा के कार्यों में हमेशा से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई देते हैं इससे पहले रक्षाबंधन के समय भी पर्यावरण को संरक्षित करते हुए गरीब कन्याओं से राखी बंधवाते हुए उनका अलग रूप दिखाई दिया था”



अयोध्या/उत्तरप्रदेश…………


एक कन्या जिसके हाथ में मेहंदी तो लगी थी,लेकिन कोई गाने वाला नहीं था,जयमाल तो पड़ने वाला था लेकिन कन्यादान लेने वाला कोई नहीं था,डोली तो तैयार हो रही थी लेकिन बहन को कोई विदा करने वाला नहीं था,बस उस कन्या के आँखों मे थे तो सिर्फ आँसू के सैलाब थे। लेकिन एक इंसान था दरोगा रणजीत यादव। जिसने यूपी पुलिस की टैग लाइन "यूपी पुलिस आपकी सेवा में हमेशा तत्पर" को चरितार्थ कर दिखाया।

बुंदेलखंड के इतिहास में राजा हरदौल को सुना था लेकिन यूपी के एक दरोगा रणजीत यादव ने उस कहानी को हकीकत में बदल दिया। 


क्या है मामला……………



मामला यूपी के थाना पटरंगा जनपद अयोध्या का है जहाँ सब इन्स्पेक्टर की ड्यूटी उनके थाना क्षेत्र में आयोजित हो रहे सामूहिक विवाह समारोह में लगा दी गयी। जब उन्हें इस बाबत सूचना मिली कि आपकी ड्यूटी लगी है और आपको वहाँ शांति व्यवस्था ड्यूटी हेतु जाना है तो वे चले गए। वहाँ पहुँचकर अपनी ड्यूटी के क्रम में व्यवस्थाओं को देखने लगे। तभी वहाँ के एक युवक ने उन्हें बताया कि एक लड़की ऐसी है जिसका कोई भाई नहीं है और बेहद ग़रीब है। राज्य सरकार की तरफ़ से भी उसे मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध करा दी गयी है। दरोग़ा जी का मन नहीं माना और वह उस परिवार से मिले। पूछताछ की।पूछताछ के दौरान लड़की के पिता ने कई ऐसे संघर्ष के पहलू बताए कि रणजीत सिंह उस वक़्त अपनी आँखों को नम होने से नहीं रोक पाए साथ ही कहा कि आप परेशान मत होईए। मैं स्वयं मदद करने के साथ आपके प्रधान और सम्मानित,प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी अनुरोध करूँगा कि आपको पैसे से लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। रणजीत सिंह उनसे बात करने के बाद सीधे माइक पर पहुँचे और सभी से मदद हेतु आग्रह किया। परिणाम ये हुआ कि कई लोग आगे आए और उस ग़रीब की शादी में मदद करने के लिए तैयार हो गए। स्वयं रणजीत सिंह और उनकी टीम ने आपस में बातकर कुछ सामान ख़रीद लाए। वह पिता कुछ समझ नहीं पा रहा था कि आख़िर हो क्या रहा है?उस बहन के पास गए और उसे बता दिया कि आप अब बिना भाई की नहीं हैं।आज से मैं तुम्हारा भाई हूँ,जब भी कभी आपको किसी चीज़ की कमी महसूस हो आप मुझे बता सकती हैं। भाई बनकर और और कन्यादान लेकर अपनी बहन को विदा किया,उस लड़की के आंखों आंसू के सैलाब थे,जिसने भी देखा सभी ने दरोगा जी को नमन किया।

ऐसे पावन पुनीत कार्य करके दरोगा रणजीत यादव जी पूरे में चर्चित हो गए है,और पुलिस विभाग की छवि को बदलने की एक नायाब पहल की है।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!