“बता दें कि मंत्रियों के साथ चौकाने वाली स्तिथि रही एक दर्जन से अधिक मंत्रियों की स्तिथि पहले भी खराब थी इसके बाद भी उन्हें पार्टी ने मौक़ा दिया कुछ पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे तो कुछ अपनी सीट नहीं बचा पाए”
भोपाल/मध्यप्रदेश………..
शिवराज सरकार के एक दर्जन मंत्री अपनी ही सीट नहीं बचा पाए हैं। मध्यप्रदेश में किसकी सरकार बनेगी अब तक यह तय नहीं हो पाया है। लेकिन कांग्रेस में जश्न का माहौल है और हर स्तिथि में सरकार बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। हालाँकि बहुमत का आंकड़ा नहीं मिला तो दोनों ही पार्टियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। वहीं कई बड़े नेताओं के लिए यह चुनाव निराशाजनक रहा।
एट्रोसिटी एक्ट, किसान आंदोलन, भ्रष्टाचार रही वजह………..
जो मंत्री चुनाव हारे हैं, उनमें
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अर्चना चिटनीस
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ओमप्रकाश धुर्वे
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ललिता यादव
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अंतर सिंह आर्य
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लाल सिंह आर्य
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जयभान सिंह पवैया
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रुस्तम सिंह
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बालकृष्ण पाटीदार
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शरद जैन
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उमाशंकर गुप्ता
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जयंत मलैया
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दीपक जोशी
बता दें कि अर्चना चिटनीस को निर्दलीय प्रत्याशी ने ही हरा दिया। वहीं उमा शंकर गुप्ता को पीसी शर्मा ने हराया।
इन मंत्रियों को मिली जीत……….
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रामपाल सिंह
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सुरेंद्र पटवा
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राजेंद्र शुक्ल
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नरोत्तम मिश्रा
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विजय शाह
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संजय पाठक
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गोपाल
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भार्गव
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भूपेंद्र सिंह
सांसदो को भी उतारा था मैदान में………..
भाजपा ने इस बार चार सांसदों को भी विधानसभा चुनाव में उतारा। इनमें से मुरैना सांसद अनूप मिश्रा ग्वालियर की भितरवार विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं। खजुराहो से भाजपा सांसद नागेन्द्र सिंह भी नागौद विधानसभा सीट से कांग्रेस के यादवेंन्द्र सिंह से चुनाव हार गए हैं। वहीं देवास सांसद मनोहर ऊंटवार ने आगर-मालवा सीट से विधानसभा चुनाव जीत लिया है। हालाँकि उनकी जीत का अंतर काफी कम रहा।
