दमोह/मध्यप्रदेश…………
मप्र के दमोह जिले के हटा नगर पालिका मे पदस्थ सीएमओ व राजस्व निरीक्षक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में सीएमओ प्रियंका झारिया व राजस्व निरीक्षक सचिन दीक्षित को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया।

क्या है मामला…………
मामले में सागर लोकायुक्त टीम प्रभारी निरीक्षक मंजू सिंह व निरीक्षक संतोष कुमार जमरा ने बताया कि हटा में रहने वाले पीड़ित राजू सिंह पिता राम सिंह राजूपत ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि सीएमओ प्रियंका झारिया उनसे दूसरी किश्त निकालने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। मामले में बताया है कि सोमवार रात करीब 10 बजे के लगभग पीड़ित राजू दस हजार रुपए की रिश्वत लेकर सीएमओ प्रियंका झारिया के घर पर अग्रसेन नगर गया था। जहां पर सीएमओ ने कहा कि वह राजस्व निरीक्षक सचिन दीक्षित को जाकर दे दे। इसके बाद फिर बस स्टैंड समीप नगर पालिका के बाहर खड़े राजस्व निरीक्षक सचिन को उसने 10 रिश्वत में दिए। जिसके बाद सचिन रुपए लेकर सीएमओ के घर जाने लगा तो उसे तत्काल ही गिरफ्तार किर लिया। इसके बाद सीएमओ प्रियंका झारिया को भी बंगले से हिरासत मे लिया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका……….
मामले में निरीक्षक मंजू सिंह ने बताया कि लोकायुक्त में शिकायत होने के बाद उसकी लगातार रिकार्डिंग की जा रही थी। जिसमें सीएमओ ने सचिन को रिश्वत देने के लिए कहा था। मामले में दोनों को आरोपी बनाकर लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है। निरीक्षक मंजू सिंह निरीक्षक, संतोष कुमार जमरा, आरक्षक आशुतोष व्यास, आरक्षक अरविंद नायक, संजीव अग्निहोत्री, सुरेंद्र सिंह, संतोश गोस्वामी, सफीक खान, यशवंत सिंह तथा दो सरकारी गवाह शामिल रहे। कार्रवाई रात 11 बजे तक जारी थी। जिन्हें गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर रिहा किया गया।
