सीहोर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के सीहोर के श्यामपुर थाने के SI अर्जुन जायसवाल और होमगार्ड सैनिक अजय मेवाड़ा को शुक्रवार देर रात लोकायुक्त भोपाल ने गिरफ्तार कर लिया। SI जायसवाल और उनके साथी मेवाड़ा को टीम ने 25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। बता दें, मध्यप्रदेश के DGP सुधीर सक्सेना ने शुक्रवार सुबह श्यामपुर थाने का निरीक्षण किया था। यहां उन्होंने TI जायसवाल के कामों की तारीफ की थी। हालांकि, SP मयंक अवस्थी का कहना है कि लोकायुक्त की कार्रवाई हुई है। लेकिन हम भी मामले की जांच करेंगे। फिलहाल SI को लाइन अटैच और सस्पेंड नहीं किया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता भगीरथ जाटव निवासी श्यामपुर जिला सीहोर द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को 24 मई 2022 को लिखित शिकायत की गई थी। आवेदक ने इसमें कहा था कि उसके द्वारा बोलेरो वाहन की चोरी की रिपोर्ट थाना श्यामपुर में लिखाई थी। जिस पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक अर्जुन जायसवाल ने आवेदक को ही थाने में बैठा लिया और उसके साथ मारपीट की गई। साथ ही कहा गया कि आवेदक गांजा बेचता है, जिसकी गाड़ी ओडिशा में पकड़ी गई थी, जिसकी झूठी रिपोर्ट वह थाने में लिखा रहा है। इसके बाद थाना प्रभारी अर्जुन जायसवाल द्वारा आवेदक से 50 हजार रुपये की मांग की गई और न देने की सूरत में धोखाधड़ी के केस में फंसाने की धमकी दी गई। लोकायुक्त की जांच में आवेदक की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद धारा सात पीसी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्व कर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देशन में 27 मई की रात्रि लगभग 11.30 बजे आवेदक से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक अर्जुन जायसवाल और नगर सैनिक अजय मेबाड़ा को थाना श्यामपुर में रंगेहाथ पकड़ा गया।
लोकायुक्त पुलिस के जाल में फसे थाना प्रभारी

पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी थाना प्रभारी जायसवाल थाने में बैठे थे। पीछे होमगार्ड सैनिकों का बैरक है। होमगार्ड सैनिक अजय मेवाड़ा उस समय बैरक में मौजूद थे। जायसवाल ने जाटव से मुलाकात की तो उन्होंने राशि अजय मेवाड़ा को रखवाने को कहा। मेवाड़ा ने राशि रखवा ली और थोड़ी देर बाद नोट उठाकर अपने पास रख लिए। तब तक थाना प्रभारी और मेवाड़ा आपस में मिल गए। उसी दौरान लोकायुक्त की टीम गई और दोनों को रिश्वत लेते पकड़ लिया। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
विवादों से पुराना नाता है जायसवाल का

आपको बता दें कि दो साल पहले इसी मई महीने में अर्जुन जायसवाल पर सीहोर के पूर्व पार्षदों ने 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाए थे। 28 मई 2020 को पूर्व पार्षदों ने एडिशनल एसपी समीर यादव को ज्ञापन देकर शिकायत की थी कि वार्ड 22 के पूर्व पार्षद विशाल राठौर को हत्या के केस फंसाने के नाम पर मंडी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी अर्जुन जायसवाल 5 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। ज्ञापन में थाना प्रभारी द्वारा 2 लाख रुपए मांगने के भी सबूत दिए थे, लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
