भोपाल/सिंगरौली/मप्र।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरसिया थाना के ललरिया चौकी प्रभारी को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी चौकी प्रभारी मारपीट के मामले शामिल एक आरोपी से जिलाबदर न करने के लिए रिश्वत ले रहा था।
दरअसल,बैरसिया थाना के ललरिया चौकी प्रभारी ने एक व्यक्ति से 15 हजार की रिश्वत मांगी थी। जब वह रिश्वत देने पहुंचा तो चौकी प्रभारी ने चतुराई दिखाते हुए सीधे रिश्वत न लेकर अपने एक परिचित की मदद ली। लोकायुक्त की टीम ने 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए इन्हें रंगे हाथों धर दबोचा। इससे पहले आरोपित पीड़ित आवेदक से वह चार हजार रुपये ले चुके थे।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त पुलिस के अनुसार ग्राम डंगरौली थाना बैरसिया निवासी दरबार सिंह ने लोकायुक्त भोपाल को शिकायत करते हुए बताया था कि उसके खिलाफ थाने में मारपीट का प्रकरण दर्ज था। इसी मामले में चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक मुकेश मीणा, आरक्षक दीपक सोनी, आरक्षक बुंदेल अहिरवार द्वारा जमानत एवं जिलाबदर न करने के बदले में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस पर पीड़ित ने लोकायुक्त में शिकायत कर दी। एसपी लोकायुक्त मनु व्यास ने शिकायत का सत्यापन कराने के बाद टीम का गठन किया। इससे पहले ही आरोपितों ने आवेदक से चार हजार रुपये 13 मई को ले लिए थे। इसके बाद बुधवार को तीनों आरोपित शेष रिश्वत राशि 11 हजार रुपये एक परिचित करण सिंह के माध्यम से ले रहे थे, तभी लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त ने 5 हज़ार की रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक को रंगे हाथों दबोचा

सिंगरौली/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली में आज फिर से रीवा की लोकायुक्त टीम ने एक प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथ पकड़ा है। आपको बता दें की सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र पुलिस सहायता केंद्र गोनर्रा में पदस्थ प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका को आज देवसर न्यायालय परिसर के सामने से रीवा की लोकायुक्त टीम ने 5 हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुये को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,सिंगरौली के विद्यासागर प्रजापति पिता श्री रामकरण प्रजापति 32 वर्ष से गोनर्रा पुलिस सहायता केंद्र में पदस्थ प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका ने मारपीट के मामले को सुलझाने के लिए पहले ही पांच हजार रूपये ले चुके थे। उसके बाद भी पीड़ित विद्यासागर से प्रधान आरक्षक शिवकुमार पनिका पांच हजार की और मांग कर रहे थे।
जिसकी पोड़ी-3 दुधमनिया निवासी विद्यासागर ने लोकायुक्त रीवा से शिकायत की थी कि मारपीट के मामले को समझौता कराने के लिए पुलिस सहायता केंद्र गोनर्रा में पदस्थ प्रधान आरक्षक शिव कुमार और पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग कर रहे हैं। जबकि इससे पहले भी वह इस मामले में 5000 रुपये ले चुके हैं।
शिकायत के पश्चात रीवा की लोकायुक्त टीम ने प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका को आज देवसर न्यायालय परिसर के सामने से 5 हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुये प्रधान आरक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर ली है।
शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए रीवा की लोकायुक्त टीम के उप-पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक, निरीक्षक जियाउल हक एवं 8 सदस्यीय टीम ने प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका को गिरफ्तार किया।
