“पुलिसकर्मियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश देने का पिछले काफी समय से प्रयास किया जा रहा है पिछली सरकार ने भी सप्ताह में एक दिन अवकाश देने के कई बार निर्देश दिए,लेकिन यह घोषणाएं अमल में नहीं आ सकीं और केवल बतौर प्रयोग बनकर समाप्त हो गई”
भोपाल/मध्यप्रदेश…………….
मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश के बाद राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों में पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। पुलिस मुख्यालय ने नया ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। प्रदेश में फील्ड में तैनात करीब 56 हजार पुलिसकर्मियों में से रोजाना 8 हजार का स्टाफ साप्ताहिक अवकाश पर रहेगा।
पुलिस मुख्यालय द्वारा इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि पुलिस कर्मचारियों के लिए आपात परिस्थितियों में अवकाश उपयोग नहीं करने पर क्षतिपूर्ति की व्यवस्था कैसे की जा सकती है। साप्ताहिक अवकाश देने के लिए फोर्स में 8000 अतिरिक्त पुलिस बल चाहिए। प्रदेश में एक लाख व्यक्तियों पर 139 पुलिसकर्मी हैं। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख व्यक्तियों पर 193 पुलिसकर्मी हैं। जबकि वचन पत्र में 50 हजार नई भर्ती करने की बात की गई है। यह भर्ती भी अगले सालों में होंगी। भोपाल में पदस्थ करीब 4500 पर 650 पुलिसकर्मी रोजाना अवकाश पर रहेंगे। यानी अवकाश देना है तो प्रदेश में आठ हजार पुलिसकर्मियों की व्यवस्था करनी होगी। अफसरों ने ये आठ हजार पुलिसकर्मी एसएएफ, पीटीएस और होमगार्ड शाखा से लेना तय किया है। इससे पहले भी साप्ताहिक अवकाश देने की दो बार कवायद हुई, लेकिन इसे लागू नहीं करवाया जा सका।
पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा फ़ोर्स की कमी से फेल हुई थी…………
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसी साल जनवरी में ऐलान किया था कि पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने पर गंभीरता से विचार किया जाए। कुछ थानों में यह व्यवस्था शुरू भी की गई, लेकिन फोर्स की कमी के कारण बंद करनी पड़ी। इस बार कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में पुलिसकर्मियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश और भत्ते बढ़ाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री नाथ ने पुलिस के अाला अफसरों के साथ की बैठक में भी साप्ताहिक अवकाश देने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय की योजना शाखा द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला जल्द ही शासन को सौंपेंगे।
पहले चरण में फील्ड में तैनात अफसरों को मिलेगा लाभ……….
प्रदेश में 1101 थाने, 576 पुलिस चौकियां, जिला बल और पुलिस लाइन में रिजर्व बल की संख्या करीब 56 हजार है। इसमें सिपाही से लेकर एएसपी स्तर तक के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। यदि सप्ताह में एक दिन का अवकाश दिया जाता है तो प्रतिदिन आठ हजार पुलिसकर्मी अवकाश पर जाएंगे। इस कमी को पूरा करने के लिए जिलों को आठ हजार पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया जाएगा।
कैसे पूरी की जाएगी फोर्स की कमी…………
प्रस्ताव में बताया गया है कि प्रदेश के पीटीएस (पुलिस ट्रेनिंग स्कूल) में आठ हजार से ज्यादा ट्रेनी सिपाही छह महीने से अधिक की ट्रेनिंग कर चुके हैं। इन पीटीएस से 50 प्रतिशत बल यानी लगभग 4000 जवान फील्ड में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा होमगार्ड से 2500 सैनिक और एसएएफ की ट्रेनिंग कंपनियां जो मुख्यालय में हैं वहां से 1500 जवानों को फील्ड में तैनात किया जाएगा। इस अतिरिक्त पुलिस बल का उपयोग रिजर्व बल के तौर पर किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जा सकता है। एएसपी और सीएसपी स्तर के अफसरों को अवकाश देने की स्थिति में दूसरे अधिकारी के पास एक दिन का अतिरिक्त प्रभार होगा।
सरकारी खजाने पर नही पड़ेगा असर……….
पीटीएस, एसएएफ और होमगार्ड सैनिकों को पहले से भी वेतन और भत्ते मिल रहे हैं। अतिरिक्त आठ हजार बल को फील्ड में तैनात करने से शासन पर बजट में कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। मौजूदा व्यवस्था से ही फोर्स की कमी पूरी करके अवकाश दिया जा सकेगा।
