
गाजियाबाद/उत्तरप्रदेश……..
छत्तीसगढ़ के सुकमा में मंगलवार को नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के नौ जवानों में शामिल हापुड़ के शोभित शर्मा दो दिन पहले ही होली की छुट्टी पूरी करने के बाद छत्तीसगढ़ पहुंचे थे।
मंगलवार की दोपहर छत्तीसगढ़ के सीआरपीएफ कंट्रोल रूम से जैसे ही शहीद के परिवार को इस दुखद खबर का पता लगा, वहां कोहराम मच गया। देर शाम तक सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और शहीद के घर पर सांत्वना देने के लिए जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया।
राधेश्याम शर्मा के चार पुत्रों में से तीसरे पुत्र थे शोभित…….
राधेश्याम शर्मा के चार पुत्रों में से तीसरे नंबर के शोभित करीब 14 साल पहले सीआरपीएफ में बतौर कांस्टेबल तैनात हुए थे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के सुकमा में उनकी पोस्टिंग थी।
मूलरूप से गांव मुदाफरा के रहने वाले राधेश्याम शर्मा काफी समय पहले मेरठ रोड स्थित शांति विहार कालोनी में रहने आ गए थे। वह प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त थे और करीब दो साल पहले उनका निधन हो चुका है।
दो दिन पहले ही हुई थी छुट्टी खत्म……..
18 फरवरी को शोभित होली की छ़ुट्टी लेकर घर आए थे। शहीद के छोटे भाई संदीप ने बताया कि दो दिन पहले परिवार के लोग उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोड़ने के लिए गए थे, क्योंकि उनकी छुट्टी पूरी हो चुकी थी।
मंगलवार को ही वे छत्तीसगढ़ पहुंचे थे और वहां से सरकारी वाहन में सुकमा के लिए जा रहे थे।
छोटे भाई संदीप ने बताया कि मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वहां के कंट्रोल रूम से उनकी भाभी ज्योति के फोन पर कॉल आई।
इसमें बताया गया कि शोभित शहीद हो गए हैं।
शहीद के परिवार को सांत्वना देने लोगो का जमाबड़ा लगा रहा……..
शहीद शोभित का इकलौता पुत्र कृष्णा (8) नगर के मिशन स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है और इस दर्दनाक खबर मिलने के बाद से वह काफी गुमसुम हो गया है। शहीद की पत्नी ज्योति का भी रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। घर में विधवा मां रतनेश देवी, भाई नरेंद्र, वीरेंद्र और संदीप शर्मा को सांत्वना देने के लिए देर शाम तक मोहल्ले के लोग उनके आवास के बाहर एकत्रित थे और दुख की इस घड़ी में उन्हें सांत्वना देने का प्रयास कर रहे थे।
