“आपको बता दें कि सांबा सेक्टर में ये घटना उस वक्त हुई है जब सालाना उर्स मेले में कुछ ही दिन रह गए हैं यहां भारत-पाकिस्तान सीमा पर ऐतिहासिक बाबा चमलियाल मेले में हर साल हजारों श्रद्धालु मजार पर चादर चढ़ाते हैं इतना ही नहीं इस मेले में पाकिस्तानी रेंजर भी चादर चढ़ाने के लिए यहां आते है”
जम्मू-कश्मीर…….
जम्मू कश्मीर के सांबा और रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग में बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार जवान शहीद हो गए। जबकि गोलीबारी में बीएसएफ के तीन जवान घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने मंगलवार देर रात एक बार फिर से सीजफायर का उल्लंघन किया और भारतीय चौकियों को निशाना बनाया। बीएसएफ की ओर से भी पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया गया है।
बीएसएफ (जम्मू फ्रंटियर) के आईजी राम अवतार ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीती रात रामगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की। हमने एक असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अधिकारी समेत चार सुरक्षाकर्मियों को खो दिया है जबकि हमारे तीन जवान घायल हो गए हैं। शहीद होने वाले जवान बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेट जीतेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर रजनीश, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रामनिवास और कांस्टेबल हंसराज हैं।
संघर्ष विराम उल्लंघन की दूसरी बड़ी घटना……..
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यह संघर्ष विराम उल्लंघन की दूसरी बड़ी घटना है। वहीं 29 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 2003 के संघर्षविराम समझौते को लागू करने पर राजी होने के बावजूद यह घटना हुई है। तीन जून को प्रागवाल, कानाचक और खौर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की भारी गोलाबारी और गोलीबारी में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर समेत दो बीएसएफ जवान शहीद हो गए थे और 10 लोग घायल हो गए थे।
दोनों देशों के डीजीएमओ 29 मई को 2003 के संघर्षविराम समझौते को लागू करने पर सहमत हो गए थे। पिछले महीने 15 मई और 23 मई के बीच पाकिस्तान की ओर से भारी गोलीबारी के कारण जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाना पड़ा था। इस दौरान गोलीबारी में दो बीएसएफ जवान और एक बच्चे समेत 12 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।
