“एक तरफ जहां योगी सरकार प्रदेश में बदमाशों का एनकाउंटर कर सुशासन लाना चाहती है वहीं पार्टी के ही लोग अपनी दबंगई से कानून प्रशासन को डरा-धमका रहे हैं पूर्व बीजेपी नेता के बेटे ने दारोगा पर पिस्टल तान दी और धमकी देते हुए कहा फुकवा दूंगा थाना”
बाराबंकी/उत्तरप्रदेश……..
यूपी में सीएम योगी के राज में भी बीजेपी के नेताओं पर सत्ता का नशा सिर चढ़ कर खूब बोल रहा है। दरअसल, बाराबंकी के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में एक पूर्व बीजेपी नेता के बेटे ने पुलिसवाले पर पिस्तौल तान दी। बताया जा रहा है कि बीजेपी के पूर्व विधायक सुंदर लाल दीक्षित के बेटे पंकज दीक्षित ने किसी दूसरे की जमीन पर कब्जा कराने के लिए सत्ता के बल पर एसआई शीतला प्रसाद मिश्रा पर रिवॉल्वर तानकर उन्हें धमकाने का काम किया है। पंकज दीक्षित ने धौंस दिखाते हुए कहा कि मैं बीजेपी का नगर अध्यक्ष हूं। मेरी एक आवाज पर सैकड़ों कार्यकर्ता आकर खड़े हो जाएंगे। मैं छोटे से काम के लिए दारोगा पर रिवाल्वर क्यों तानूंगा।
वहीं पंकज दीक्षित ने सारा आरोप दारोगा शीतला प्रसाद मिश्रा पर मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि शीतला प्रसाद मिश्रा ने दूसरे पक्ष से रुपए लेकर एक तरफा कार्रवाई की है, इसलिए हमने उनके खिलाफ आवाज उठाई है। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं।
हालांकि, आपको बता दें कि हैदरगढ़ सीएचसी में जब पंकज दीक्षित पहुंचे तो वहां पर वे खुलेआम थाने को फूंकने की धमकी दे रहे थे,जिसे वायरल विडियो में भी साफ देखा जा सकता है।
क्या कहना है दरोगा शीतला प्रसाद मिश्रा का……..
मामले को लेकर दारोगा शीतला प्रसाद मिश्रा का कहना है कि तहरीर पर जांच के लिए मैं मौके पर गया था। जब मैं वहां पहुंचा तो वहां बीजेपी के पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित के बेटे पंकज दीक्षित पहले से मौजूद थे। पंकज दीक्षित खुद बैठकर दूसरे की जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे। जब मैंने वहां पर निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए कहा तो उस मकान मालिक ने मेरे ऊपर मारपीट का फर्जी आरोप लगाकर नाटक शुरू कर दिया। जिसके बाद वह हैदरगढ़ सीएचसी में भर्ती हो गया। पंकज दीक्षित ने उस शख्स को हैदरगढ़ सीएचसी से बाराबंकी जिला अस्पताल रेफर करा दिया।
साथ ही आरोप लगाया कि जब मैं इस पूरे मामले की जानकारी सीओ हैदरगढ़ को देने गया तो पंकज दीक्षित ने वहां पहुंचकर मेरे साथ अभद्रता की और मेरे ऊपर पिस्तौल तान दी। जिसके बाद सीओ हैदरगढ़ ने मामले में बीच बचाव किया। शीतल प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उसने इस पूरे मामले की जानकारी सीओ हैदरगढ़ के साथ-साथ बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव को भी दी है। एसआई ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पुलिस विभाग में लगभग 28 साल की मेरी नौकरी हो चुकी है, लेकिन इन लोगों की वजह से अब नौकरी करना मुश्किल हो रहा है। हर मामले की तफ्तीश में यह लोग हमेशा दबाव बनाते हैं जिससे पुलिसिया कार्रवाई प्रभावित होती है और पीड़ित को इंसाफ नहीं मिल पाता है।
