“बता दें कि यूनिवर्सिटीज को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के आयोजन में उच्च शैक्षणिक स्तर का ख्याल रखा जाना चाहिए। साथ ही स्टूडेंट्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए”
नई दिल्ली…………..
देशभर के लॉ स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। कोरोना वायरस से बिगड़े माहौल को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अहम फैसला लिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा है कि देश के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे सभी लॉ स्टूडेंट्स बिना परीक्षा प्रमोट कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स शामिल नहीं हैं। फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को परीक्षा देनी होगी।
क्या है पूरा मामला…………….
मीडिया रिपोट के मुताबिक बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फाइनल ईयर के अलावा अन्य सभी स्टूडेंट्स को उनके पिछले साल के अंकों और मौजूदा वर्ष में हुए इंटर्नल एग्जाम्स में मिले अंकों के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। इस संबंध में बीसीआई ने नए दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं।हालांकि काउंसिल ने ये भी कहा कि कॉलेज खुलने के बाद संस्थान चाहें तो जिस वर्ष से स्टूडेंट्स को प्रमोट किया गया है उसके लिए अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा करा सकते हैं। लेकिन एक निश्चित समय के अंदर। अगर कोई स्टूडेंट उस परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे डिग्री पूरी होने तक एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा क्लीयर करने के बाद ही डिग्री दी जाएगी। तीन या पांच साल का एलएलबी (LLB) कोर्स कर रहे स्टूडेंट्स को ऑनलाइन एग्जाम में भी शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
कैसे होगी फाइनल ईयर की परीक्षा………….
वहीं, मौजूदा स्थिति को देखते हुए BCI ने यूनिवर्सिटी को फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स के लिए ये विकल्प दिया है कि वे स्टूडेंट्स के लिए या तो ऑनलाइन एग्जाम आयोजित कर सकते हैं या फिर स्टूडेंट्स को प्रोजेक्ट रिपोर्ट, रिसर्च पेपर या पिछले सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर नंबर दे सकते हैं।
BCI ने अपने बयान में कहा, "3 साल के एलएलबी (LLB) और 5 साल के एलएलबी (LLB) कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन ऑनलाइन परीक्षा अनिवार्य नहीं है"
बयान में आगे कहा गया, "विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष के प्रत्येक पेपर के लिए छात्रों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट या रिसचर्स पेपर लिखने की अनुमति दे सकता है या वे सेमेस्टर एग्जाम के आधार पर स्टूडेंट्स को नंबर दे सकता है" BCI ने ये भी कहा कि ये पूरी तरह से विश्वविद्यालयों पर निर्भर करता है कि वे LLB कोर्स के अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को किस तरह नंबर देते हैं। BCI का ये भी कहना है कि अगर विश्वविद्यालयों को परीक्षा आयोजित कराने का कोई उपयुक्त तरीका सूझता है तो वे उसे अपना सकते हैं। इंटरमीडिएट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के लिए काउंसिल ने कहा कि अगर पहले या दूसरे ईयर के स्टूडेंट्स अपने स्कोर सुधारना चाहते हैं तो वे बाद में होने वाली परीक्षा में बैठ सकते हैं।
