बता दें ग्वालियर पुलिस के कप्तान द्वारा महिला संबंधी अपराधों,सिनिअर सिटीजन अपराधों पर कढ़ाई से कार्यवाही की जा रही हैं वहीं कुछ थाने उनके मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं
ग्वालियर/मध्यप्रदेश…………….
मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में सीनियर सिटीजन 62 वर्षीय महिला को एफआईआर के लिए बुलाकर झांसी रोड़ थाना पुलिस ने आठ घंटे थाने में बैठाया और आरोपी को थाने बुलाकर राजीनामा का दबाव बनाया। यह आरोप 16 कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय परिसर लोको तानसेन रोड निवासी शोभा गौड पत्नी कमलेश गौड ने लगाए है।
क्या है पूरा मामला…………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार,शोभा गौड पत्नी कमलेश गौड ने बताया कि वर्ष 2015 में उन्होंने जैतल कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर वीरेन्द्र कुमार गुप्ता से सचिन तेंदुलकर मार्ग पर बन रही टाउनशिप में एक फ्लैट बुक किया था। फ्लैट का अनुबंध करते समय उन्होंने 19 लाख 66 हजार रुपए का पैमेंट कर दिया था। इसके बाद वीरेन्द्र कुमार ने उन्हें ना तो कब्जा मिला और ना ही रजिस्ट्री की। जिसकी शिकायत झांसी रोड थाने में की थी, लेकिन झांसी रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कराने के लिए कई बार चक्कर कटवाएं।
पीडि़ता ने बताया कि वह नौ फरवरी को थाने में मामला दर्ज कराने पहुंची थी। यहां पर सब इंस्पेक्टर ठाकुर राम भगत और राजीव बिरथरे ने उन्हें थाने में कई घंटे इंतजार करवाया और फिर आरोपी वीरेन्द्र कुमार गुप्ता को बुलाकर राजीनामा का दबाव बनाया। यह पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक हमारे बयान भी दर्ज नहीं किए है। पीडि़ता ने बताया कि जब भी आरोपी के बारे में पकड़े जाने की बात कहने पर उनका रटा-रटाया जबाव मिलता है कि आरोपी नहीं मिल रहा है और उनसे ही उसकी जानकारी मांगी जाती है। जबकि आरोपी खुले आम ग्वालियर में ही घूम रहा है।
