“सत्ता का नशा जब किसी के सिर पर चढ़कर बोलता है तो शायद उसे सही गलत कुछ दिखाई नही देता”
गुरसरांय/झाँसी/यूपी…………
संस्कारवान पार्टी कही जाने वाली बीजेपी की साख पर कुछ विधायक बट्टा लगाने से नही चूक रहें हैं। यूपी से गुंडाराज खत्म करने और सुशासन के वादे के साथ सत्ता में आई बीजेपी के विधायक व उनके पुत्र खुद पुलिस के साथ गुंडागर्दी पर उतर आए। दरअसल झाँसी जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र में पुलिस ने स्थानीय भाजपा विधायक के बेटे की कार चेकिंग के लिए रोकी तो दरोगा के साथ मारपीट करने की घटना सामने आई है। इतना ही नहीं, भाजपा विधायक स्वयं पुलिस के खिलाफ उतर आए। पहले उन्होंने चौराहे पर समर्थकों के साथ जाम लगाया। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ थाने के गेट पर धरना देने बैठ गए। काफी समय तक थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।
क्या है मामला………..
रविवार की शाम गुरसरांय थाना क्षेत्र में पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत का बेटा राहुल राजपूत की बिना नंबर की कार लेकर निकला। पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका तो राहुल का थानाध्यक्ष से विवाद होने लगा। आरोप है कि भाजपा विधायक के बेटे ने थानाध्यक्ष से गाली-गलौच की और थप्पड़ जड़ दिया और बोला बाप विधायक हैं तुम जानतें नही हो आरोपी यही नही रुका और सीओ, एसडीएम, और पूरे पुलिस महकमे को हड़का दिया। इसके बाद पुलिस राहुल को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इससे नाराज भाजपा विधायक राजपूत अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव करने पहुंच गए। भाजपा विधायक ने समर्थकों के साथ थाने के गेट पर धरना देना शुरू कर दिया। विधायक थानाध्यक्ष को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े थे। मौके पर पहुंचे डीएम शिवसहाय अवस्थी और एसएसपी ओपी सिंह ने विधायक को मामले की जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया।

इनका कहना……….
विधायक गरौठा के बेटे ने पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और गाली-गलौच की है। वीडियो फुटेज आए हैं, उनका परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई होगी।
– शिवसहाय अवस्थी,जिलाधिकारी।
चुनाव के मद्देनजर गुरसरांय चौराहे पर चेकिंग चल रही थी, तभी सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट की सफारी कार आई। जिसे रोका गया तो युवक ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की। उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया तो पता चला कि वह विधायक गरौठा का बेटा है। विधायक थाने पर गए थे। उनसे कहा गया कि यदि कोई शिकायत है तो प्रार्थना पत्र दीजिए, जांच के बाद कार्रवाई होगी।
– ओपी सिंह, एसएसपी।
