“कहते हैं कि पुलिसवालों के अपने अलग फसाने है,!!
तीर भी चलाना हैं, और परिंदे भी बचाने हैं”
बता दें कि पिछले सप्ताह ही देवास कलेक्टर डाॅ. श्रीकांत पांडेय और एसपी चंद्रशेखर सोलंकी ने क्षिप्रा में एसएसटी जांच दल को गाड़ी चैक नहीं करने पर फटकार लगाई थी, दूसरी तरफ आदेश का पालन किया तो आरक्षक पर कार्रवाई कर दी।
सोनकच्छ/देवास/मप्र……….
कहते हैं कि पुलिसवालों के अपने अलग फसाने है,!!
तीर भी चलाना हैं, और परिंदे भी बचाने हैं। शायद यह बात इस प्रकरण में सच होती दिख रही हैं। अब आम जनता खुद ही फैसला करें की कितना दबाब होता होगा अपने कर्तव्य को सही तरीके से पूरा कर पाने में। एक ही देश मे दो तरह के कानून आम जनता के लिए कुछ और एवं VVIP के लिए कुछ और कैसे संभव है। दरअसल
सोनकच्छ से आठ किमी दूर भोपाल-इंदौर हाईवे पर चुनाव आयोग के निर्देश पर बने एसएसटी प्वाइंट पर गृह विभाग के उपसचिव का वाहन रोक कर नाम पूछना एक आरक्षक को महंगा पड़ गया। इसे अभद्र व्यवहार बताते हुए एसपी चंद्रशेखर सोलंकी के निर्देश पर आरक्षक श्याम आंजना को निलंबित कर दिया गया, जबकि एसडीएम ने ही आदेश दिए थे कि गाड़ियों में जा रहे व्यक्ति का नाम, पता अनिवार्य रूप से लेना है। पिछले सप्ताह ही कलेक्टर डाॅ. श्रीकांत पांडेय और एसपी सोलंकी खुद क्षिप्रा में एसएसटी जांच दल को गाड़ी चैक नहीं करने पर फटकार लगाकर आए थे।
क्या है मामला…………

शनिवार करीब दोपहर सवा दो बजे भोपाल से इंदौर की ओर अपने निजी वाहन से उपसचिव गृह बीएस जामोद जा रहे थे। दौलतपुर के सरद्दी चौकी के समीप एसएसटी प्वाइंट पर आरक्षक श्याम आंजना (739) ने वाहन रोक लिया। ड्राइवर से कहा कि जनरल चैकिंग चल रही है। आप अपना नाम, पता व नंबर नोट करवा दीजिए। इसी बीच ड्राइवर ने आंजना को कार्ड दिखाया। आंजना ने बगैर कार्ड देखे, अन्य वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। इसी बीच ड्राइवर वाहन लेकर वहां से चला गया। इसके बाद एसपी चंद्रशेखर सोलंकी ने कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित कर दिया।
इनका कहना……….
एसडीएम ने आदेश दिया था कि किसी भी वाहन को बिना चैक किए नहीं छोड़ा जाए। मैं तो आदेश का पालन कर रहा था। मुझे नहीं मालूम कि वे कोई अधिकारी हैं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि मुझ निलंबित क्यों किया जा रहा है।
– श्याम आंजना आरक्षक।
आरक्षक एसएसटी दल में है। उनका आचरण और व्यवहार ठीक नहीं था, इसलिए उन्हें हटाया गया है।
– चंद्रशेखर सोलंकी, एसपी, देवास।
