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वाह रे मंत्री प्रतिनिधि:मंत्री का प्रतिनिधि रुपए लेकर हॉस्पिटल में दिलाता था बेड,परेशान डॉक्टर को ट्रांसफर लेना पड़ा

बता दें कि माधवनगर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमरावत ने जब अभय की हरकत देखी तो उन्होंने व्यवस्था सुधारने की कोशिश की। लेकिन, काफी कोशिशों के बाद वे खुद परेशान हो गए और नगर निगम कमिश्नर से ट्रांसफर मांगा। उनके आवेदन पर ट्रांसफर कर भी दिया गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने मंत्री मोहन यादव का इस्तीफा मांगा है।


उज्जैन/मध्यप्रदेश।

एक और देश में जरूरतमंदों को अस्पताल में एक बेड तक नसीब नहीं हो रहा है तो वहीं अब सत्ताधारी पार्टी के नेता ही दलाली करने पर उतारू हो गए हैं। ताजा-तरीन मामला उज्जैन से सामने आया है, जहां उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रतिनिधि भाजपा नेता अभय विश्वकर्मा उज्जैन के माधव नगर अस्पताल में एक बेड दिलाने के हजारों रुपए लेता था। यहां अस्पताल में जरूरतमंदों को बेड नहीं मिलता था, तो वही जो लोग सीरियस नहीं है उन्हें डीलक्स आईसीयू में रखा जाता था सिर्फ और सिर्फ भाजपा नेता अभय विश्वकर्मा की मेहरबानी से। खेर मेहरबानी भी क्या नेता जी इस काम की मोटी रकम जो लेते थे।

कैबिनेट मंत्री मोहन यादव के प्रतिनिधि अभय विश्वकर्मा

दरअसल,मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहन यादव के प्रतिनिधि अभय विश्वकर्मा पर बड़ा आरोप लगा है। आरोप है कि उसने उज्जैन का माधवनगर अस्पताल हाईजेक कर रखा है। वह लोगों से रुपए लेकर उनके मरीजों को यहां बेड दिलवाता था। उसकी वजह से 94 ऑक्सीजन वाले बेड पर होते थे, जबकि 50 ऑक्सीजन वाले बिस्तर के लिए जद्दोजहद करते थे।

क्या है पूरा मामला

डॉ कुमरावत ने नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल को यह मैसेज किया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव कुमरावत की चैटिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और मामला सामने आ गया। कुमरावत ने नगर निगम कमिशनर क्षितिज सिंघल को 1 मई को सुबह 8:45 पर व्हाट्सएप किया था। उन्होंने लिखा- अपने आप को उच्च शिक्षा मंत्री का प्रतिनिधि कहने वाले अभय विश्वकर्मा ने माधव नगर अस्पताल को हाईजेक कर रखा है। मुझे माधव नगर से रिलीव करा दें यहां बहुत परेशानी है। नागदा में नया 50 बेड वाला अस्पताल शुरू हो रहा है आप वहां ट्रांसफर कर दीजिए। इसके बाद अगले ही दिन डॉ. कुमरावत का ट्रांसफर हो गया।

अनियमितता की शिकायतें लगातार आ रही थीं

कुमरावत ने कहा कि अभय गैर कानूनी तरीके से अस्पताल के बेड पर कब्जा करता था। मैं यहां 25 दिन प्रभारी रहा और मरीजों की सहूलियत के लिए टोकन सिस्टम बनाया। लेकिन, अभय को ये पसंद नहीं आया क्योंकि इसके कारण उसका काम बंद हो गया। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियो ने कुछ समय के लिए माधव नगर अस्पताल में अभय को प्रतिबंधित कर दिया था माधव नगर अस्पताल में ICU के डीलक्स रूम भी हैं।अभय द्वारा लाए गए मरीज, जिनकी ऑक्सीजन 94 या 95 होती थी वे ICU में रहते थे, जबकि 50 ऑक्सीजन वालों को पलंग के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी। अस्पताल का कुछ स्टाफ भी इसके साथ मिला हुआ है। इनके माध्यम से उसे पता चल जाता था कि कहां कौन सा बेड खाली हुआ है।

कांग्रेस विधायक ने मंत्री से इस्तीफे की मांग

प्रदेश के तराना सीट से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं कि अभय हॉस्पिटल के गेट पर खड़ा रहता था। ICU के अधिकतर बेड अभय के इशारों पर ही अलॉट होते थे। इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री मोहन यादव को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि अभय उनका प्रतिनिधि है। हॉस्पिटल में बेड बेचने की जानकरी मंत्री मोहन यादव को दी थी। वहीं मंत्री ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।

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