बता दें कि किसान जाम सिंह ने बताया कि उसने कदवाली गांव में ढाई बीघा कृषि भूमि खरीदी है और इसी जमीन के नामांतरण के एवज में पटवारी रेखा मेढा उससे 6 हजार की रिश्वत मांग रही थीं। उसे कई बार पटवारी से पैसे न होने की बात भी कही लेकिन जब महिला पटवारी ने नामांतरण नहीं किया तो उसने उनके खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत की थी।
झाबुआ/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा कसता जा रहा है। आए दिन लोकायुक्त की टीम रिश्वतखोरों पर कार्रवाई कर रही है। ताजा मामला झाबुआ का है जहां बुधवार को इंदौर लोकायुक्त ने झाबुआ की पेटलावद तहसील में महिला पटवारी रेखा मेढा को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी ने एक किसान से उसके जमीन नामांतरण के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत फरियादी किसान ने लोकायुक्त से की थी। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 के तहत कार्यवाही की गयी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,हल्का नंबर 56 पेटलावद में पदस्थ (38) वर्षीय महिला पटवारी रेखा मेढा ने पाडल घाटी निवासी किसान जाम सिंह से जमीन नामांतरण के एवज में 6 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। किसान 2 हजार रुपए की रिश्वत पहले दे चुका था और बाकी के चार हजार रुपए देने से पहले उसने इंदौर लोकायुक्त से रिश्वतखोर महिला पटवारी रेखा मेढा की शिकायत की। किसान जाम सिंह ने वो रिकॉर्डिंग भी लोकायुक्त को दी थी जिसमें महिला पटवारी उससे रिश्वत की मांग कर रही थीं। इस आधार पर लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और रिश्वत के 4 हजार रुपए लेकर किसान जाम सिंह को पटवारी रेखा के पास भेजा। जैसे ही पटवारी रेखा ने रलियावन स्कूल के प्रांगण में रिश्वत के पैसे लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
