बता दें कि रीवा लोकायुक्त ने पहली बार असफल ट्रैप कार्रवाई की है। लोकायुक्त SP गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि अन्य दबिशों की तरह ही थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील गुप्ता और उपनिरीक्षक रानू वर्मा को आरोपी बनाया जाएगा। दोनों फरार है। निलंबन के लिए पुलिस अधिकारी को पत्र लिखेंगे। फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 संशोधन अधिनियम 2018 के तहत आरोपी बनाया है।
रीवा/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई के बाद भी भ्रष्टाचार जमकर फल फूल रहा है। शासकीय कर्मचारी व अधिकारी खुलेआम रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
रीवा पुलिस में रिश्वतखोरी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं
दरअसल, मध्य प्रदेश के रीवा जिले में विगत दिनों यातायात थाना प्रभारी को रिश्वत लेते पकड़ा गया था कि एक बार फिर एक थाना प्रभारी और महिला एसआई द्वारा होटल संचालक से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत पीड़ित होटल संचालक ने लोकायुक्त से की है जिसके बाद समान थाना में लोकायुक्त टीम कार्रवाई करने पहुंचा, लेकिन इसकी भनक लगते ही महिला एसआई अवकाश पर चली गई और थाना प्रभारी थाने से बाहर रहे। जिसके बाद लोकायुक्त की कार्रवाई असफल रही लेकिन पूरे मामले में रीवा लोकायुक्त ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,मामला समान थाना का है जहां होटल संचालक से होटल संचालन करने के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग थाना प्रभारी सुनील गुप्ता व महिला एएसआइ रानू वर्मा ने की थी। जिसके बाद होटल संचालक 27 वर्षीय सुखेंद्र सिंह भदौरिया पिता दिनेश भदौरिया ने रीवा लोकायुक्त एसपी के पास जाकर मामले की शिकायत कर दी।
होटल संचालक से 20 हज़ार प्रतिमाह की वसूली की डिमांड

शिकायत में होटल संचालक ने बताया कि समान थाना प्रभारी व महिला एसआई रानू वर्मा ने उनसे कहा था कि होटल चलाना है तो 20 हजार रुपये प्रतिमाह देने होंगे। जिसके बाद लोकायुक्त रीवा गुरुवार को समान थाना परिसर में आरोपितों को ट्रेप करने पहुंची लेकिन इसके पहले ही आरोपितों को शिकायतकर्ता पर शंका होने अथवा ट्रेप कार्रवाई की भनक लग जाने के कारण उप निरीक्षक रानू वर्मा अवकाश पर चली गई और थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता थाने से बाहर रहे। इसलिए लोकायुक्त की रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई नहीं हो सकी। लोकायुक्त द्वारा असफल ट्रैप कार्रवाई की गई और अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार मौके पर गए। उनके साथ लोकायुक्त दल में निरीक्षक जियाउल हक, डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार, डीएसपी राजेश पाठक, उप निरीक्षक ऋतुका शुक्ला एवं उप निरीक्षक आकांक्षा पांडेय व दो पंचसाक्षी सहित 12 सदस्यीय टीम कार्रवाई के लिए पहुंची।
