मुरैना/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार दाेपहर मुरैना के उद्योग एवं व्यापार केंद्र कार्यालय के बाबू देवेन्द्र गुप्ता को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा है। उद्याेग एवं व्यापार केंद्र का बाबू, एक बेरोजगार युवक को डेयरी के लिए लोन दिलाने के एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। युवक पहली किश्त के 2 हजार रुपए दे चुका था। दूसरी किश्त के रुपयों के साथ बाबू लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,उद्योग एवं व्यापार केंद्र के घूंसखोर बाबू देवेन्द्र गुप्ता को रंगे हाथ पकड़वाने वाले सेंथरा बढ़ई गांव के शिकायतकर्ता 35 वर्षीय विनोद सिंह गुर्जर पुत्र रामवरण सिंह गुर्जर ने बताया कि उसने मार्च महीने में 7 लाख के डेयरी लोन के लिए आवेदन दिया था। 6 महीने से बाबू देवेन्द्र गुप्ता उसे बहाने बनाकर टहला रहा था। अंत में बाबू ने लोन प्रकरण को बैंक तक भेजने के एवज में 20 हजार रुपए मांगे। विनोद सिंह के अनुसार वह बाबू को 15 हजार रुपये देने तैयार हो गया। बाबू को तीन क़िस्त में करीब 12 हज़ार रुपए भी दे दिए थे।
इसके बाद शनिवार 4 सितंबर को उसने 2 हज़ार रुपए बाबू को दिए। मंगलवार को वह 3 हज़ार रुपए की दूसरी किश्त देने से पहले सोमवार को लोकायुक्त के पास पूरे सबूतों के साथ पहुंच गया। लोकायुक्त टीम ने उसे केमिकल वाले रुपए देकर भेजा और रंगे हाथ घूंसखोर बाबू को दबोच लिया।
ग्वालियर लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया

मंगलवार दोपहर 12 बजे ग्वालियर लोकायुक्त इंस्पेक्टर बृजमोहन सिंह नरवरिया की अगुआई में 12 सदस्यीय टीम नेशनल हाईवे किनारे शिवनगर स्थित व्यापार एवं उद्योग केंद्र में पहुंची। लोकायुक्त की टीम सीधे स्वरोजगार योजना की शाखा में घुसे जहां बैठे बाबू देवेन्द्र गुप्ता को लोकायुक्त अफसरों ने अपना परिचय दिया और खड़ा होने को कहा। कांपते और पसीना पोंछते हुए बाबू खड़ा हुआ तो, लोकायुक्त कर्मचारियों ने उनकी पैंट की जेब से रुपए निकलवाए। इन रुपयों का धुलवाया तो केमिकल वाला पानी गुलाबी रंग का हो गया।
इनका कहना
इंस्पेक्टर बृजमोहन सिंह नरवरिया ने बताया कि आपके बाबू को 3 हज़्ज़र रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया है। जिनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही में इंस्पेक्टर बृज मोहन नरवरिया, इंस्पेक्टर भरत किरार, इंस्पेक्टर राखी लता नामदेव, इंस्पेक्टर आराधना डेविस, आरक्षक प्रमोद तोमर, हेमंत शर्मा, संजय शुक्ला, धीरज ,विनोद शाक्य और अमर सिंह मौजूद थे।
