खरगोन/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के खरगोन (Khargone) जिले के बिस्टान थाने पर आज जमकर बवाल हुआ। लूट (Loot) और डकैती के आरोप में बंद एक युवक की मौत से गुस्साए सैंकड़ों आदिवासियों की भीड़ ने थाने पर हमला बोल दिया। थाने पर जबरदस्त पथराव किया गया जिससे वहां रखी कुर्सियां, गाड़ियों में सब क्षतिग्रस्त हो गए। पथराव में तीन सिपाही घायल हो गए।
दरअसल,बिस्टान थाने पर आज सुबह अचानक सैंकड़ों आदिवासी लोगों की भीड़ जमा हो गयी। सबने थाने का घेराव कर दिया और पथराव शुरू कर दिया। पथराव और तोड़फोड़ कर पुलिस जीप को पलट दिया। अचानक हुए हमले के बाद पुलिसकर्मी थाने से जान बचाकर भागे। जब तक वहां तैनात स्टाफ कुछ समझ पाता तब तक तो आदिवासी जमकर बवाल कर चुके थे।
पुलिस को स्थिति पर काबू करने के लिए भीड़ के उत्पात को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। खबर मिलते ही एसडीएम सत्येंद्र, एसडीओपी सहित भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया और उत्पातियों को खदेड़कर हालाक पर काबू पाया। अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,चित्तौड़गढ़-भुसावल राजमार्ग पर 10 दिन पहले ट्रक चालक और बाइक सवारों से मोबाइल, कैश और आभूषण लूटने वाले खैरकुंडी गांव के 12 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था। इन्हें कोर्ट में पेश कर 8 लोगों को जेल भेजा गया जबकि 4 आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड में रहे बिसन (35) को भी सोमवार को जेल भेज दिया गया, जहां रात में उसकी तबीयत बिगड़ी। इसके बाद उसे जेल से रात दो बजे जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान सुबह उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की
मै सरकार से माँग करता हूँ कि इन दोनो घटनाओं की उच्च स्तरीय जाँच हो , दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो , पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद हो , उन्हें न्याय मिले।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) September 7, 2021
घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने ट्वीट कर लिखा है कि मध्यप्रदेश में आदिवासी वर्ग पर दमन व उत्पीड़न का काम जारी। नेमावर, नीमच के बाद अब खरगोन ज़िले के बिस्टान थाने में एक आदिवासी व्यक्ति की प्रताड़ना से मौत की जानकारी व बालाघाट ज़िले में स्कूल जाते समय एक आदिवासी छात्रा की हत्या की ख़बर..।
इनका कहना
एसडीएम सत्येन्द्र सिंह ने मीडिया को बताया कि तीन दिन पहले बिस्टान पुलिस ने 12 लोगों को लूट डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था। बीती रात 2 बजे उनमें से एक आरोपी बिसन की मौत हो गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे सैंकड़ों आदिवासियों ने थाने का घेराव कर पथराव कर दिया। एसडीएम सत्येन्द्र सिंह ने कहा घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। आदिवासी ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के कारण बिसन की मौत हो गई है। हालांकि प्रारम्भिक रूप से ऐसा नहीं लग रहा है। तहसीलदार ने भी देखा है कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच में मौत के कारण का खुलासा होगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है पथराव की घटना में 3 पुलिसकर्मियों चोटें आई हैं। पुलिस ने बहुत ही संवेदनशीलता से काम किया है।
