HomeBreaking Newsदुःखद:जहरीली शराब कांड के आरोपी सिपाही की जेल में संदिग्ध मौत,16 साल...

दुःखद:जहरीली शराब कांड के आरोपी सिपाही की जेल में संदिग्ध मौत,16 साल की नौकरी में नही था एक भी दाग

बता दें कि शराब कांड में आरोपी सिपाही सुदेश फरार हो गया था। सुदेश के करीबियों का मानना है की फरारी के दौरान वो खुद को निर्दोष साबित करने साक्ष्य जुटा रहा था। पुलिस सूत्रों की मानें तो, इस बीच वो पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क में था। अधिकारियों को भी इस बात का यकीन था कि, इस तरह के कांड में सुदेश का हाथ नहीं हो सकता, लेकिन ऊपर से बन रहे दबाव के चलते फरार सिपाही पर इनाम घोषित करना पड़ा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने भी कई बार उस पर सरेंडर करने का दबाव बनाया। जब वो हाजिर नहीं हो रहा था, तो उसका मकान ढहाने का दबाव बनाया गया। इस पर 25 नवंबर को सुदेश ने सरेंडर कर दिया। हालांकि, पुलिस ने लक्ष्मीनगर में उसकी गिरफ्तारी दर्शायी।


उज्जैन/मध्यप्रदेश।

जहरीली शराब कांड के बर्खास्त आरोपी सिपाही सुदेश खोड़े की बुधवार रात सेंट्रल जेल भैरवगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीते साल 14 अक्टूबर को उज्जैन में जहरीली शराब पीने के चलते 36 घंटे के भीतर 14 लोगों की मौत का मामला सामने आया था, जिसने देश भर में सुर्खियां बटोरी थी। मौत के पीछे का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के बाद मृतक सिपाही के घर भेज दिया गया है‌‌। वही पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
ज्ञात हो तो 14 अक्टूबर को हुए जहरीली शराब कांड मामले में 36 घंटे के अंदर 14 लोगों की मौत हुई थी जिसके बाद सीएम शिवराज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी का गठन किया था। इसे शराब कांड में एसआईटी ने 60 दिन तक चली जांच के बाद दिसंबर में 1571 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें 175 गवाह बनाए गए थे। कुल 18 आरोपी बने गए। आरोपियों में 3 पुलिसकर्मी नवाज शेख, अनवर और सुदेश शामिल थे। जानकारी के अनुसार, सुदेश की गुरुवार को कोर्ट में पेशी थी। जेल प्रशासन उसे लेकर कोर्ट लेकर जाता। 10 जनवरी को सुदेश की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी।

क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,अक्टूबर के महीने में उज्जैन में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। इस जहरीली शराब कांड में उज्जैन के महाकाल थाने में पदस्थ सिपाही सुदेश खोड़े, वही खाराकुआं थाने में पदस्थ शेख अनवर और नवाज शरीफ को आरोपी बनाया गया था। तीनों आरोपितों के खिलाफ विभागीय जांच की गई थी और जांच में तीनों दोषी पाए गए थे। दोषी पाए जाने के बाद आरोपी सिपाही सुदेश खोड़े लंबे समय से फरार थे, वहीं अन्य दो आरोपी नवाज शरीफ और शेख अनवर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। साथ ही उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया था। सिपाही सुदेश खोड़े के फरार होने के कारण तत्कालीन एसपी ने उस पर 10,000 रुपए के इनाम की घोषणा की थी। बता दें कि आरोपी को उज्जैन के ही लक्ष्मी नगर रोड से गिरफ्तार किया गया था।

मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा

गौरतलब है कि सेंट्रल जेल में कैद सिपाही सुदेश खोड़े की पत्नी को 13 घंटे के बाद भी यह नहीं बताया गया था कि उनके पति अब इस दुनिया में नहीं रहे, उन्हें बस इतनी जानकारी दी गई थी कि सुदेश बीमार है और इंदौर में उनका इलाज चल रहा है। वही 2 बजे जब उनका शव घर पहुंचा तो बच्चों और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया, इधर साथी सिपाहियों का कहना है कि,हम उन्हें सच्चाई बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। हालांकि, सिपाही की मौते के करीब 13 घंटे बाद जब उनका शव घर पहुंचा। तब जाकर उनके परिवार को मौत की जानकारी लगी। मृतक सिपाही का अंतिम संस्कार चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर किया गया।

16 साल की नौकरी में एक भी दाग नही था दामन में

मृतक सिपाही सुदेश खोड़े

सुदेश के साथी सिपाहियों ने बताया, 16 साल की नौकरी में उसको सिर्फ एक बार ट्रेनिंग में निंदा मिली। थानों पर ड्यूटी करते हुए दर्जनों इनाम मिले हैं। पिछले साल 26 जनवरी और 15 अगस्त को इनाम के लिए थाने से सुदेश का ही नाम गया था। इसके अलावा, बेस्ट आरक्षक श्रेणी में हर सप्ताह मिलने वाले पुरस्कार से वह कई बार सम्मानित हो चुका था। शराब कांड में सुदेश का लेना-देना नहीं था। खाराकुंआ में रहते हुए उसका काम सूचना संकलन का था। जहरीली शराब से लोगों की मौत के बाद सुदेश आरोपियों से मामले में सूचनाएं इकट्‌ठी करने के लिए ही फोन लगाता था।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!