Home Breaking News रिश्वत के आरोप में 9 साल बाद सजा:सुनवाई के दौरान गवाह मुकरे,रिटायर्ड...

रिश्वत के आरोप में 9 साल बाद सजा:सुनवाई के दौरान गवाह मुकरे,रिटायर्ड TI को 2 और SI को 3 साल की सजा

बता दें कि ग्वालियर में रात गश्त में पकड़े गए दो संदेहियों को छोड़ने के एवज में मांगी 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में करीब 9 साल बाद तत्कालीन जनकगंज थाना प्रभारी निर्मल जैन को 2 साल की सजा और सब इंस्पेक्टर को नागेन्द्र सिह भदौरिया को 3 साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है। जिन दो पुलिसकर्मियाे को दोषी मानकर कोर्ट ने सजा सुनाई है। उनमें से एक तत्कालीन (वर्ष 2013) टीआई जनकगंज निर्मल जैन अब रिटायर्ड हो चुके हैं,जबकि एसआई नागेन्द्र अभी ग्वालियर में ही है।


ग्वालियर/मध्यप्रदेश।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कोर्ट ने पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत होने के बाद सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय ने रिश्वतखोरी के मामले में रिटायर्ड टीआई और एसआई को सजा सुनाने के साथ जुर्माना भी लगाया है। 2 लाख रिश्वत लेते पकड़ने जाने के बाद गवाह अपने बयान से मुकर गए थे, लेकिन कोर्ट ने वॉइस रिकॉर्डिंग के आधार पर TI-SI को सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपराधियों को बख्शा नहीं है।
इस मामले की खास बात ये रही कि सुनवाई कोर्ट में चल रही थी, लेकिन सुनवाई के दौरान रिश्वत देने वाले दोनों गवाह मुकर गए। जिसके बाद दोनों पुलिसकर्मी के बेगुनाह होने की कगार पर पहुंच गए। लेकिन कोर्ट ने वॉइस रिकॉर्डिंग का मिलान किया। जिसके बाद वॉइस रिकॉर्डिंग के आधार पर ही अब सजा सुनाई गई है। हालांकि दोनों आरोपियों को सजा के बाद जमानत भी मिल गई।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मामले की शिकायत लोकायुक्त में हुई थी। मामले में लोकायुक्त की ओर से पैरवी लोक अभियोजक राखी सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में रात गश्त के दौरान रामजी और लल्ला उर्फ कौशलेंद्र को जनकगंज पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसे बाद दोनों के छोड़ने के लिए पुलिस ने 2 से ढाई लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। इस मामले में संदेहियों के परिजन ने मामले की शिकायत लोकायुक्त में की थी। लोकायुक्त ने जांच कर अफसरों से पूछताछ की थी। इस मामले में रिश्वत का आरोप था और जो-जो बात पीड़ित ने लोकायुक्त में बताई थी वह सच निकली थी, लेकिन इस मामले की खास बात ये रही कि इसमें कोई भी पुलिसकर्मी सीधे रिश्वत लेते नहीं पकड़ा गया था। लोकायुक्त ने 5 अक्टूबर 2013 को इस मामले में कार्रवाई की थी। कोर्ट ने जब मामले को सुना तो दोनों पुलिस कर्मियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।

कोई भी पुलिसकर्मी सीधे रिश्वत लेते नहीं पकड़ा गया था

इस मामले में कोई भी पुलिसकर्मी न तो रिश्वत लेते पकड़ा गया था न ही विडियो वायरल हुआ था। लोकायुक्त के पास मामले की शिकायत की गई थी। जिसमें कोर्ट ने दोनों को षंडयंत्र रचने और साक्ष्य विलोपित करने के मामले में दोनों को दोषी मानकर सजा के साथ ही 6 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
दो लोगों को छोड़ने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोपी एसआई नागेन्द्र सिंह भदौरिया को विशेष न्यायाधीश आदित्य रावत ने तीन साल की सजा 6 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। साथ ही इसी मामले में षड़यंत्र रचने और साक्ष्य छुपाने के मामले में तत्कालीन जनकगंज थाना प्रभारी निर्मल जैन को दोषी मानकर 2 साल की सजा और चार हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

Live Share Market :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

प्रेम प्रसंग के चलते भोपाल के TI हाकम सिंह पवार ने इंदौर में किया सुसाइड:​​​​​​​महिला SI को भी गोली मारी

बता दें कि भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ टीआई हाकम सिंह पंवार ने इंदौर के पुलिस कंट्रोल रूम में खुद को गोली...

ईओडब्ल्यू (EOW) ने पटवारी काे 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा,काली कमाई की जांच में जुटी टीम

मुरैना/मध्यप्रदेश। रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों पर लगातार भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं लेकिन घूसखोरी कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल,ग्वालियर आर्थिक...

स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट:SSP ऑफिस से चंद कदम की दूरी पर,स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का धंधा

बता दें कि पिछले पखवाड़े क्राइम ब्रांच, मुरार और सिरोल थाना पुलिस ने एक आयुर्वेद स्पा के नाम पर देह व्यापार कराने वाले सेंटर...

जिलाध्यक्ष की मदिरा पर चर्चा:कांग्रेस ने ग्वालियर भाजपा जिलाध्यक्ष का शराब पीते वीडियों शेयर किया

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी की मुहिम छेड़े हुए हैं ,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शराब को अच्छा...
error: Content is protected !!