बता दें कि रविवार को जैसे ही आरोपी एएसआई द्विजराज सिंह व सहयोगी चालक सोनू सिंह पिता राजू चौहान 40 हजार रुपए रिश्वत लेते लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ दबोच लिया। एसपी लोकायुक्त रीवा की 15 सदस्यीय टीम ने परसौना स्थित खाद-बीज की दुकान में रविवार की शाम कार्रवाई को अंजाम दिया है।
सिंगरौली/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के कोतवाली थाना में पदस्थ एक पुलिसकर्मी को लोकायुक्त पुलिस ने 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) ने एक दुकानदार से चोरी का प्रकरण दर्ज करने के एवज में उससे 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिससे परेशान होकर दुकानदार ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत कर दी। लोकायुक्त पुलिस ने रविवार शाम रिश्वतखोर पुलिसकर्मी को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
DSP प्रवीण सिंह परिहार, DSP राजेश पाठक,निरीक्षक जिया उल हक,विजय पाण्डेय,मुकेश मिश्रा पवन पाण्डेय,धर्मेंद्र,शाहिद,सुभाष पाण्डेय सहित 15 सदस्यीय टीम ने कार्यवाही की।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,कोतवाली थाना क्षेत्र के परसौना में खाद बीज की दुकान संचालित करने प्रहलाद शाह ने लोकायुक्त रीवा में शिकायत की थी कि कोतवाली थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक द्विजराज सिंह ने चोरी का प्रकरण दर्ज करने के एवज में 60 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं।
फरियादी पहलाद शाह ने बताया कि उसके खिलाफ राम लल्लू शाह बीज भंडार के संचालक के द्वारा कोतवाली थाने में बीज चोरी कर बेचने की शिकायत की गई थी जिसकी पड़ताल कोतवाली थाने में कार्यरत एएसआई द्विजराज सिंह कर रहे थे। फरियादी पहलाद शाह ने कहा कि उसने किसी भी प्रकार की चोरी नहीं की है इसके बावजूद एएसआई के द्वारा कोई सबूत नहीं होने के बाद भी उससे केस को रफा-दफा करने के एवज में रिश्वत मांग रहे थे। लेकिन उसने परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने का कह कर रिश्वत देने से मना कर दिया था। इसके बावजूद भी एएसआई द्विजराज सिंह के द्वारा लगातार रिश्वत की मांग को लेकर दबाव बनाया जा रहा था।

जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने पहले से घेराबंदी कर के रखी थी। जैसे ही प्रहलाद शाह ने रिश्वत के रुपए एएसआई द्विजराज सिंह को दिए लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। कोतवाली थाने में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर द्विजराज सिंह को लोकायुक्त की टीम ने 40 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे गिरफ्तार किया। वहीँ इस मामले में एक अन्य सहयोगी को भी आरोपी बनाया है।
इनका कहना
रीवा लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी राजेश पाठक ने कहा
की रिश्वतखोर एएसआई फरियादी को लगातार परेशान कर रहा था। जब आवेदक 40 हजार रुपए देने के लिए राजी हुआ तो आरोपी एएसआई ने अपने चालक के साथ रिश्वत की राशि लेने के लिए दुकान पर पहुंच गया। बाकी 20 हजार रुपए आवेदक ने दो दिन बाद देने के लिए कहा था। एएसआई ने रिश्वत की राशि चालक के हाथ में देने की बात कही। तब तक में लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को रंगेहाथ दबोच लिया।
