बता दें कि फांसी लगने से उसकी मौत हो चुकी थी घटना की जानकारी लगने पर कोतवाली थाने से एसआई जितेंद्र सिंह चौहान पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होने आरक्षक के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
खंडवा/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के खंडवा में कांस्टेबल ने पुलिस लाइन में बने सरकारी आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, आत्महत्या से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा था।
आरक्षक के पेंट में एक सुसाइड नोट मिला है। जिस पर उसने पारिवारिक कारणों से आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने मामला जांच में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लगा रहा है, पारिवारिक कारण से आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। मार्ग जांच कर मामले को जांच में लिया है। पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है, जांच के बाद ही सही बात सामने आ पाएगी।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर निवासी कांस्टेबल धनेश्वर सोनवने (32) ने खंडवा स्थित अपने सरकारी आवास पर फांसी लगा ली। पुलिस ने मामला जांच में लिया आरक्षक धनेश्वर सोनवने पुलिस लाइन में पदस्थ था। इससे पहले उसने खालवा थाने में अपनी सेवाएं दी, इसके बाद से वह पुलिस लाइन में ही रह रहा था।
शनिवार को सुबह कांस्टेबल का शव कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी लगने पर कोतवाली थाने से एसआई पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने आरक्षक के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा- सुसाइड नोट में लिखा- खुद से और शरीर से हार गया हूं। पापा मुझे माफ करना, मेरे मरने के बाद मिलने वाले पैसों में से आधे सोनू बाबू को दे देना। आपका बेकार बच्चा।

